
फरीदाबाद के प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में शनिवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब मेले में लगा ‘सुनामी झूला’ अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। इस भीषण हादसे में 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बचाव कार्य के दौरान घायल हुए एक पुलिस इंस्पेक्टर की इलाज के दौरान मौत हो गई।हादसे के वक्त झूले पर 18 लोग सवार थे ।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय सुनामी झूले पर करीब 18 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि झूला ऊपर की ओर जाते समय अचानक अटक गया, जिसके बाद कुछ लोगों को नीचे उतारा गया। इसके बाद झूला दोबारा तेज़ी से चलने लगा और अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया।
झूला गिरते ही मची भगदड़
झूला टूटकर गिरते ही मेले में मौजूद लोगों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों की मदद शुरू की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बचाव करते समय पुलिस इंस्पेक्टर की मौत
हादसे के दौरान झूले में फंसे लोगों को बचाने के लिए एक पुलिस इंस्पेक्टर भी ऊपर चढ़े थे। तभी झूला अचानक ऊपर से नीचे गिर गया, जिससे इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना से पुलिस विभाग और प्रशासन में शोक की लहर है।
चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल
हादसे के एक चश्मदीद ने बताया कि झूला अचानक ऊपर जाकर अटक गया था और लोग जोर-जोर से चिल्ला रहे थे।
राघव के अनुसार, वह लोगों को बचाने के लिए खुद झूले पर चढ़ गए और करीब 8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। इसी दौरान झूला अचानक फिर से चल पड़ा और तेज़ गति में नीचे गिर गया।
राघव ने बताया कि बचाव के दौरान उनके ऊपर झूले की ग्रिल गिर गई, जिससे उनके कंधे में चोट आई। उन्हें भी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।
एक और हादसा: स्वागत द्वार गिरा
सुनामी झूले की घटना के अलावा सूरजकुंड मेले के गेट नंबर-2 के पास बना ‘स्वागत द्वार’ भी गिर गया, जिसमें दो लोग घायल हो गए। इससे मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मेला ग्राउंड खाली कराया गया
हादसे के बाद फरीदाबाद जिला मजिस्ट्रेट आयुष सिन्हा, डीसीपी मकसूद अहमद और सूरजकुंड मेला के नोडल अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा को देखते हुए पूरे मेला ग्राउंड को खाली कराया जा रहा है और लोगों को घर भेजा जा रहा है।
तकनीकी खराबी की जांच शुरू
प्रशासन ने सुनामी झूले में तकनीकी खराबी की आशंका जताई है। मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और झूला संचालकों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।










