
शुक्रवार का दिन सोना और चांदी के बाजार के लिए बेहद खराब साबित हुआ। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई। जिस तेजी से पिछले दिनों कीमतें बढ़ी थीं, उससे भी ज्यादा तेजी से एक ही दिन में गिरावट देखने को मिली। दोपहर 3:30 बजे तक चांदी की कीमत लगभग 15% गिर गई, जबकि सोने में करीब 9% की गिरावट दर्ज की गई।
कितना गिरा सोना और चांदी का भाव?
• चांदी की कीमत करीब 60,000 रुपये गिरकर 3,39,910 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
• सोना भी 14,000 रुपये से ज्यादा टूटकर 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
यह गिरावट हाल के समय की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट मानी जा रही है।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी। तेजी से ऊपर गए बाजार में निवेशक अचानक बाहर निकलने लगे, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आई।
जनवरी में सोना और चांदी दोनों ने असाधारण तेजी दिखाई थी—
चांदी में लगभग 56% की मासिक बढ़त, जो रिकॉर्ड स्तर रही।
डॉलर के मुकाबले सोना 20% से ज्यादा उछला, जो 1980 के बाद की सबसे बड़ी बढ़त मानी गई।
एक दिन पहले ही बने थे रिकॉर्ड
गिरावट से ठीक एक दिन पहले बाजार नई ऊंचाई पर था—
चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड बनाया था।
सोना 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
लेकिन अगले ही दिन बाजार तेजी से नीचे फिसल गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
गिरावट केवल भारत तक सीमित नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव देखने को मिला।
Comex Gold लगभग 2.2% गिरकर 5,236.74 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
क्या यह खरीदारी का मौका है?
अब बाजार में बड़ा सवाल यही है कि:
क्या यह गिरावट निवेश का मौका है?
या
क्या हाल की तेजी अब खत्म हो रही है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए।










