
Cold wave Fog halts flights, slows down train speeds, वर्ष 2025 का आखिरी हफ्ता दिल्ली के लिए रिकॉर्ड ठंड लेकर आया। बुधवार को अधिकतम तापमान गिरकर 14.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो चार साल में सबसे कम रहा। घने कोहरे और बादलों की चादर दिनभर फैली रही, जिससे धूप पूरी तरह नदारद रही और सर्दी का असर दोगुना महसूस हुआ। इससे पहले इतनी ठंड 26 जनवरी 2022 को दर्ज हुई थी, जब पारा 12.1 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था। दिसंबर में भी यह दिन पिछले छह वर्षों में सबसे ठंडा रहा। इसी तरह 31 दिसंबर 2019 को अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने का रिकॉर्ड है।
कोहरे और ठंड से जनजीवन प्रभावित, slows down train speeds
दिल्ली–एनसीआर में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति रही, जबकि कई इलाकों ने ‘सीवियर कोल्ड डे’ का अनुभव किया। कोहरे ने दृश्यता को कई घंटों तक सिर्फ 50 मीटर तक सीमित कर दिया। इसका असर सीधे परिवहन पर पड़ा—करीब 150 उड़ानें रद्द, 2 उड़ानें डायवर्ट, और 500 से ज्यादा उड़ानें देरी से संचालित हुईं। प्रदूषण भी बढ़ा और वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ स्तर के ऊपरी सिरे तक पहुंच गई। इसके अलावा ट्रेनों की रफ्तार पर भी कोहरे ने ब्रेक लगा । ट्रेने घंटों की देरी से चल रही हैं । यात्री स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में परेशान हो हुए ।
दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान
सफदरजंग: 14.2°C (सामान्य से 6.2°C कम)
पालम: 13.6°C
लोधी रोड: 13.4°C
न्यूनतम तापमान: 6.4°C (मौसम के अनुरूप सामान्य)
ठंड के पीछे क्या कारण?
मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से नमी बढ़ी। पूर्वी हवाएं भी नमी लेकर आईं, साथ ही आसमान में बादल और घना कोहरा छाया रहा। धूप जमीन तक नहीं पहुंच सकी, जिससे ठंड और प्रदूषण दोनों की स्थिति गंभीर होती चली गई।
IMD का पूर्वानुमान — राहत कब मिलेगी?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 5 जनवरी तक सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा बना रहने की संभावना है। गुरुवार को भी मौसम इसी तरह रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बादल छाने की उम्मीद है। यानी अभी ठंड से तुरंत राहत मिलना मुश्किल है।









