
UP Doctor,Medical Teacher Recruitment Board constituted, उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और चिकित्सा शिक्षकों की भर्ती अब पहले से ज्यादा सरल और तेज हो सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में यूपी विशेषज्ञ चिकित्सक एवं चिकित्सा शिक्षक भर्ती बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी गई है।
भर्ती बोर्ड के गठन के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के अनुसार कभी भी विज्ञापन जारी किया जा सकेगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी खत्म होगी और समय पर नियुक्तियां हो सकेंगी।
भर्ती प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी,UP Doctor,Medical Teacher Recruitment Board
कैबिनेट की मंजूरी के बाद नया भर्ती बोर्ड तय समय के भीतर भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा, उसका रिजल्ट जारी करेगा और इंटरव्यू सहित सभी औपचारिकताएं पूरी करेगा। इसका सबसे ज्यादा लाभ प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के अस्पतालों और राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेजों को मिलेगा, जहां लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है
पहले यूपीपीएससी UPPSC से होती थी भर्ती
अब तक सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से होती थी। इस प्रक्रिया में अधियाचन से लेकर परीक्षा और नियुक्ति तक 12 से 16 महीने तक का समय लग जाता था। इस देरी के कारण कई चयनित डॉक्टर दूसरी जगह नौकरी जॉइन कर लेते थे। भर्ती बोर्ड बनने से यह समस्या काफी हद तक खत्म होगी।
एक साथ होगी सभी मेडिकल कॉलेजों की भर्ती
नए भर्ती बोर्ड के गठन के बाद हर मेडिकल कॉलेज को अलग-अलग अधियाचन भेजने की जरूरत नहीं होगी। बोर्ड एक साथ सभी मेडिकल कॉलेजों की जरूरत के अनुसार भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा और मेरिट के आधार पर अलग-अलग कॉलेजों में नियुक्ति की जाएगी। इससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।
यूपी में नए विश्वविद्यालयों के गठन का रास्ता साफ
कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अहम फैसले भी लिए गए। शाहजहांपुर, भदोही और गोरखपुर में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
शाहजहांपुर में मुमुक्ष आश्रम ट्रस्ट की शैक्षिक संस्थाओं को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाएगा।
भदोही में काशी नरेश पीजी कॉलेज, ज्ञानपुर को विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।
गोरखपुर में प्रदेश का पहला वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
इसके लिए यूपी राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1974 में संशोधन को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है।









