
Virat Anushka at Saint Premananda ashram, बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अपने पति क्रिकेटर विराट कोहली और दोनों बच्चों के साथ वृंदावन स्थित श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के आश्रम पहुंचीं। इस दौरान पूरा परिवार भक्ति और श्रद्धा में लीन नजर आया। अनुष्का ने महाराज जी के सामने दंडवत प्रणाम किया और अपने मन की बातें साझा कीं।
इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अनुष्का किसी फिल्म स्टार की तरह नहीं, बल्कि एक सच्ची भक्त के रूप में दिखाई दे रही हैं। संत प्रेमानंद महाराज ने विराट, अनुष्का और उनकी बेटी वामिका को आशीर्वाद दिया और शिष्यों को चुनरी भेंट करने का निर्देश भी दिया।
साझा किए मन के भाव,Virat Anushka at Saint Premananda ashram
बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अपने पति क्रिकेटर विराट कोहली और दोनों बच्चों के साथ वृंदावन स्थित श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के आश्रम पहुंचीं। इस दौरान पूरा परिवार भक्ति और श्रद्धा में लीन नजर आया। अनुष्का ने महाराज जी के सामने दंडवत प्रणाम किया और अपने मन की बातें साझा कीं।
अनुष्का शर्मा ने महाराज जी से कहा कि पिछली बार जब वे यहां आई थीं, तब मन में कई सवाल थे, लेकिन उन्हें पूछने की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने बताया कि जो भी प्रश्न उनके मन में आते थे, वही सवाल अगले दिन किसी न किसी भक्त द्वारा महाराज जी से पूछ लिए जाते थे। अनुष्का ने इसे आध्यात्मिक अनुभव बताया।
विराट कोहली की साधना पर महाराज की बड़ी बात
विराट कोहली की ओर से आश्रम के एक सदस्य ने महाराज जी के सामने उनके विचार रखे। इस पर प्रेमानंद महाराज ने विराट की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे खेल के माध्यम से पूरे देश को खुशी देते हैं। महाराज ने कहा, “अगर विराट जीतते हैं तो पूरा देश खुशियां मनाता है। यह भी एक प्रकार की साधना है। उनका अभ्यास ही उनका भजन है और वे खेल के जरिए भगवान की सेवा कर रहे हैं।”
अनुष्का बोलीं – भक्ति से बड़ा कुछ नहीं
संत प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का की सराहना करते हुए कहा कि संसार का यश और सम्मान पाने के बाद भक्ति की ओर मुड़ पाना बहुत कठिन होता है। उन्होंने कहा कि अनुष्का की भक्ति का प्रभाव विराट पर भी पड़ रहा है। इस पर अनुष्का ने कहा, “भक्ति के ऊपर कुछ नहीं है।”
इस साल तीसरी बार हुई मुलाकात
मंगलवार को विराट और अनुष्का वृंदावन पहुंचे थे। दोनों ने केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। यह इस साल उनकी महाराज जी से तीसरी मुलाकात थी। दोनों घुटनों के बल बैठकर, हाथ जोड़कर महाराज जी की बातें सुनते रहे। विराट के माथे पर तिलक और गले में तुलसी की माला थी। वे मुस्कुराते हुए श्रद्धा से महाराज जी की सीख सुनते नजर आए।
“हम सब श्रीजी के हैं” – प्रेमानंद महाराज
अनुष्का ने कहा, “महाराज जी हम आपके हैं और आप हमारे।” इस पर महाराज जी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हम सब श्रीजी के हैं। आनंद से रहो, मस्त रहो और भगवान के आश्रय में रहो।” महाराज जी ने आगे कहा कि अपने काम को भगवान की सेवा समझकर करें, विनम्र रहें और जीवन को उन्नत बनाएं। जब तक भगवान की प्राप्ति न हो, तब तक हमारी यात्रा रुकनी नहीं चाहिए।
भगवान के सन्मुख रहने की सीख
प्रेमानंद महाराज ने रामायण और भगवद्गीता के उदाहरण देते हुए कहा कि रावण के पास सब कुछ था, लेकिन भगवान से विमुख होने के कारण उसका पतन हुआ।
उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति भगवान का अनन्य चिंतन करता है, उसकी जिम्मेदारी स्वयं भगवान लेते हैं। सच्ची भक्ति में विश्वास जरूरी है, क्योंकि भगवान अपने भक्त की रक्षा स्वयं करते हैं।









