
Fee Regulation Act 2025, सरकार ने दिल्ली स्कूल एजुकेशन (फीस तय करने और नियमन) एक्ट, 2025 को आधिकारिक रूप से नोटिफाई कर दिया है। इस एक्ट के लागू होते ही अब राजधानी के निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने या नई फीस संरचना लागू करने से पहले सख्त नियमों का पालन करना होगा।
क्या है नया Fee Regulation Act 2025 ?
इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य निजी स्कूलों में अनियंत्रित और मनमानी फीस वसूली को रोकना है। लंबे समय से अभिभावक निजी स्कूलों की बढ़ती फीस पर आपत्ति जताते रहे थे। अब नए कानून के तहत फीस से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और नियंत्रित किया जाएगा।
Fee Regulation Act 2025 की प्रमुख बातें
स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे । अब किसी भी निजी स्कूल को फीस बढ़ाने के लिए सरकार की अनुमति लेनी होगी। बिना मंजूरी के फीस बढ़ाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नई फीस संरचना के लिए प्रस्ताव जरूरी । अगर कोई स्कूल फीस में बदलाव करना चाहता है, तो उसे पहले सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजना होगा। प्रस्ताव में इन बिंदुओं का उल्लेख जरूरी होगा:
- बढ़ोतरी का कारण
- स्कूल के खर्च
- विकास कार्य या नई सुविधाओं का विवरण
- पिछले वर्षों में फीस बढ़ोतरी का रिकॉर्ड
- फीस में पारदर्शिता अनिवार्य
- स्कूलों को अपने आर्थिक रिकॉर्ड, खर्च, आय-व्यय का पूरा ब्योरा अभिभावकों और सरकार के साथ साझा करना होगा।
शिकायतों के लिए विशेष समिति का गठन
एक विशेष “फीस विनियमन समिति” बनाई जाएगी, जिसमें अभिभावक, विशेषज्ञ और सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति फीस बढ़ोतरी, शिकायतों और विवादों की जांच करेगी।
नियम तोड़ने पर सख्त दंड
नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यक होने पर मान्यता भी रद्द की जा सकती है। दिल्ली सरकार का कहना है कि यह कानून अभिभावकों को राहत देने और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक था। सरकार का दावा है कि यह कदम दिल्ली के लाखों अभिभावकों की आर्थिक चिंताओं को कम करेगा।
Fee Regulation Act 2025 से अभिभावकों को क्या मिलेगा फायदा?
- हर साल भारी फीस बढ़ोतरी से राहत
- फीस संरचना में पारदर्शिता
- शिकायत दर्ज करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था
- स्कूलों पर सरकारी नियंत्रण और जवाबदेही
निजी स्कूलों की प्रतिक्रिया
कुछ निजी स्कूलों ने कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए खर्च बढ़ते हैं, इसलिए फीस नियंत्रण की व्यवस्था व्यवहारिक और संतुलित होनी चाहिए। हालांकि, कई स्कूलों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार द्वारा नोटिफाई किया गया दिल्ली स्कूल एजुकेशन (फीस तय करने और नियमन) एक्ट, 2025 शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे निजी स्कूलों द्वारा की जाने वाली मनमानी पर रोक लगेगी और अभिभावकों को राहत मिलेगी। अब देखना यह होगा कि नया कानून कितनी प्रभावी तरीके से लागू होता है।









