
बजट सत्र के दूसरे चरण में सोमवार को संसद में कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। खास तौर पर देश में संभावित LPG संकट को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए केंद्र सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े किए। खड़गे ने कहा कि सरकार यह दावा कर रही है कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। उनके मुताबिक अगर सरकार को पहले से इस संकट की आशंका थी, तो समय रहते उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
सरकार की तैयारी पर खड़गे ने उठाए गंभीर सवाल
खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि जब सरकार को पश्चिम एशिया में तनाव और उसके असर का अंदेशा था, तब उसे देश की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस संभावित संकट को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण अब आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खड़गे का कहना था कि अगर समय पर कदम उठाए जाते तो आज LPG की कमी की चर्चा संसद से लेकर सड़कों तक नहीं हो रही होती।
प्रियंका गांधी ने चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
इसी बीच कांग्रेस सांसद Priyanka Gandhi Vadra ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई बार चुनाव की तारीखें और चरण ऐसे तय किए जाते हैं, जिससे सत्तारूढ़ दल को राजनीतिक फायदा मिल सके। प्रियंका गांधी का कहना था कि चुनाव की तारीखों की घोषणा और चरणों का निर्धारण पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए, ताकि लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनी रहे।
संजय सिंह का आरोप- सरकार की नीतियों से बढ़ा संकट
LPG संकट के मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष के कई नेताओं ने सरकार से जवाब मांगा। आम आदमी पार्टी के सांसद Sanjay Singh ने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा नीति के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और ईंधन आपूर्ति पर उसके संभावित असर के बावजूद सरकार ने समय रहते कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई।
CPI(M) सांसद ने भी जताई चिंता
इस मुद्दे पर CPI(M) के सांसद John Brittas ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में LPG की कमी को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, वे चिंताजनक हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करे और यह बताए कि देश में गैस आपूर्ति को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाई जा रही है।
नड्डा का पलटवार- विपक्ष संकट में भी राजनीति कर रहा
विपक्ष के आरोपों पर सत्ता पक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता सदन Jagat Prakash Nadda ने खड़गे के बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि विपक्ष हर मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश करता है। नड्डा ने कहा कि मौजूदा संकट भारत की वजह से नहीं पैदा हुआ है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का परिणाम है।
किरण रिजिजू बोले- विपक्ष सुनना ही नहीं चाहता
संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने संसद में LPG आपूर्ति को लेकर विस्तृत बयान दिया था, लेकिन विपक्ष ने उसे सुनने की बजाय नारेबाजी करना ही उचित समझा। रिजिजू ने कहा कि अगर विपक्ष जवाब सुनने के लिए तैयार नहीं होगा, तो समाधान कैसे निकलेगा।
कंगना रनौत ने लोगों से भरोसा बनाए रखने की अपील की
इस बीच भाजपा सांसद Kangana Ranaut ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि LPG की कमी को लेकर देश में अनावश्यक डर फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व पर भरोसा रखना चाहिए और सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
लोकसभा में बिना हंगामे के पूरा हुआ प्रश्नकाल
संसद में जहां एक ओर LPG संकट पर बहस जारी रही, वहीं लोकसभा में सोमवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। सदन में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के पूरा हुआ। पिछले कई दिनों से विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल बाधित हो रहा था, लेकिन सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष Om Birla की अपील के बाद सांसदों ने प्रश्नकाल को शांतिपूर्ण तरीके से चलने दिया।
वित्त मंत्री ने लोक अदालतों को लेकर किया बड़ा ऐलान
प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya और Gajendra Singh Shekhawat ने सांसदों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि कर्ज वसूली अधिकरण (DRT) और कर्ज वसूली अपीलीय अधिकरण (DRAT) में लंबित मामलों के निपटारे के लिए 2026 में चार विशेष लोक अदालतें आयोजित की जाएंगी।
रेल बजट पर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने जताई नाराजगी
लोकसभा में रेलवे बजट को लेकर भी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के सांसद Dharmendra Yadav ने कहा कि मौजूदा रेलवे बजट से उत्तर प्रदेश की जनता संतुष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लिए रेलवे बजट लगातार कम किया जा रहा है और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं दी जा रही।
TMC का राज्यसभा से वॉकआउट
इसी दौरान राज्यसभा में एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब तृणमूल कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारियों को हटाने के फैसले का विरोध किया। TMC के वरिष्ठ नेता Derek O’Brien ने कहा कि चुनाव आयोग ने देर रात राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया, जो सवाल खड़े करता है।
सियासी टकराव के बीच संसद का व्यस्त दिन
कुल मिलाकर सोमवार का दिन संसद में कई राजनीतिक टकरावों और बहसों से भरा रहा। LPG संकट, चुनावी प्रक्रिया, रेलवे बजट और प्रशासनिक फैसलों जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन मुद्दों पर सरकार क्या ठोस कदम उठाती है और विपक्ष किस तरह अपनी रणनीति को आगे बढ़ाता है।









