
नई दिल्ली में स्थित देश के शीर्ष सरकारी अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स, AIIMS)ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा कदम उठाते हुए Human Anti-Neurofascin 140 (Anti-NF140) टेस्ट की शुरुआत कर दी है। यह टेस्ट खासतौर पर नसों से जुड़ी गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के समय पर और सटीक निदान में मदद करेगा।
क्या है Anti-NF140 टेस्ट ?
Anti-NF140 एक विशेष ब्लड टेस्ट है, जिसके जरिए शरीर में मौजूद उन एंटीबॉडीज का पता लगाया जाता है जो नसों की सुरक्षा परत (मायलिन) पर हमला करती हैं। यह टेस्ट ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की पहचान में बेहद अहम माना जाता है।
यह जांच खासतौर पर इन बीमारियों की पहचान में मदद करती है:
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS)
- क्रोनिक इंफ्लेमेटरी डेमाइलिनेटिंग पॉलीन्यूरोपैथी (CIDP)
- अन्य दुर्लभ नर्व डिजऑर्डर
मरीजों के लिए बड़ी राहत
इस टेस्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जो जांच निजी लैब में करीब 25,000 रुपये तक महंगी होती है, वह अब एम्स में मरीजों को मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है।
इससे हजारों मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें बाहर महंगे टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जल्दी पहचान से बेहतर इलाज संभव
डॉक्टरों का कहना है कि नसों की बीमारियां अक्सर देर से पकड़ में आती हैं, क्योंकि इनके लक्षण सामान्य समस्याओं जैसे होते हैं—जैसे कमजोरी, झनझनाहट या चलने में परेशानी।
अब इस टेस्ट के जरिए बीमारी का जल्दी पता लगाकर समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा, जिससे मरीजों में स्थायी नुकसान या विकलांगता का खतरा कम होगा।
एम्स में और भी एडवांस जांच शुरू
एम्स में केवल Anti-NF140 ही नहीं, बल्कि Neurofascin-155 और Neurofascin-186 से जुड़े टेस्ट भी शुरू किए गए हैं, जो ऑटोइम्यून नर्व बीमारियों की सटीक पहचान में मदद करते हैं। इन जांचों के लिए सिर्फ एक छोटा सा ब्लड सैंपल लिया जाता है और रिपोर्ट ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के एडवांस टेस्ट भारत में मेडिकल डायग्नोसिस को नई दिशा देंगे और मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।
निष्कर्ष
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा शुरू किया गया Anti-NF140 टेस्ट देश के हेल्थ सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि है। यह पहल न केवल मरीजों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।









