
भारत सरकार की कड़ी कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, X ने अपने प्लेटफॉर्म से 600 से अधिक अकाउंट्स और करीब 3,500 आपत्तिजनक पोस्ट्स को हटा दिया है। इन पोस्ट्स में से कई Grok AI टूल की मदद से बनाई गई थीं, जिनका इस्तेमाल महिलाओं और नाबालिगों से जुड़ी अश्लील व अभद्र सामग्री तैयार करने में किया गया।
X ने मानी गलती, भारतीय कानून का पालन करने का भरोसा
एलन मस्क की कंपनी X ने माना है कि उसके AI टूल Grok के जरिए आपत्तिजनक कंटेंट का गलत इस्तेमाल हुआ। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन करेगी। सरकार के दबाव के बाद X ने न सिर्फ हजारों पोस्ट्स को ब्लॉक किया, बल्कि सैकड़ों अकाउंट्स को स्थायी रूप से डिलीट भी किया है।
दरअसल, हाल ही में यह सामने आया था कि कुछ यूजर्स Grok AI की मदद से महिलाओं और नाबालिगों की अश्लील तस्वीरें बनाकर X पर पोस्ट कर रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार ने X को सख्त चेतावनी और अल्टीमेटम जारी किया था।
IT मंत्रालय की चेतावनी के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, आईटी मंत्रालय (MeitY) ने X को पत्र लिखकर कहा था कि उसके प्लेटफॉर्म पर AI से बनाए जा रहे कंटेंट की उचित मॉडरेशन नहीं हो रही है। इसके साथ ही सरकार ने 72 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया था। X की शुरुआती प्रतिक्रिया को सरकार ने नाकाफी बताया, जिसके बाद कंपनी ने कड़े कदम उठाए।
Grok को लेकर दुनियाभर में बढ़ी चिंता
Grok AI को लेकर विवाद सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। यूके और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी X के खिलाफ सख्ती की मांग उठी है और कुछ जगहों पर प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने की बात तक कही जा चुकी है। इसी वैश्विक दबाव के चलते X अब पहले की तुलना में नरम रुख अपनाता दिख रहा है।
Grok AI पर सवाल क्यों?
Grok AI, एलन मस्क की कंपनी का टूल है और मस्क अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक माने जाते हैं। इसी कारण Grok पर दूसरे AI मॉडल्स की तुलना में कंटेंट को लेकर अपेक्षाकृत ढीली गाइडलाइंस अपनाने का आरोप लगता रहा है। लेकिन इसी लचीलेपन का गलत फायदा उठाकर कुछ यूजर्स ने गंभीर अपराध की श्रेणी में आने वाला कंटेंट तैयार किया, जिससे कंपनी और प्लेटफॉर्म दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब कई देशों की सरकारें X और उसके AI टूल Grok पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।









