
नई दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit 2026 में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के दिग्गज शामिल हुए। इस दौरान सुंदर पिचाई, CEO of Google, भारत की प्रीमियम GI कॉफी के मुरीद नजर आए। समिट के दौरान उन्होंने भारत GI कॉफी लाउंज में कॉफी का स्वाद लिया और इसकी जमकर तारीफ की। कॉफी चखने के बाद सुंदर पिचाई ने कहा कि मालाबार अरेबिका कॉफी उनके दिल के बेहद करीब है। इस दौरान उन्हें कॉफी पीते, बरिस्ता से बातचीत करते और समूह फोटो के लिए पोज देते देखा गया। यह लाउंज भारत की परंपरा और आधुनिक तकनीक के संगम का प्रतीक बना, जहां GI, UPI और AI जैसी तकनीकों का अनूठा मेल देखने को मिला।
भारत की परंपरा और टेक्नोलॉजी का संगम
AI Impact Summit में बनाया गया भारत GI कॉफी लाउंज देश की सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी प्रगति को दर्शाता है। यह पहल दिखाती है कि भारत तेजी से एक “प्रोडक्ट नेशन” के रूप में उभर रहा है, जहां परंपरा और डिजिटल तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
AI से शुरू होगा तेज प्रगति का नया युग
समिट को संबोधित करते हुए सुंदर पिचाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को तीव्र प्रगति के युग की शुरुआत करने वाली तकनीक बताया। उन्होंने कहा कि AI ने उन्हें किसी भी अन्य तकनीक से ज्यादा बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि AI मानव जीवन में अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक बदलाव साबित हो सकता है। यह तकनीक नई खोजों को जन्म देगी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को अपनी पुरानी चुनौतियों को दूर करने में मदद करेगी।
AI का फायदा सभी तक पहुंचना जरूरी
पिचाई ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया को डिजिटल डिवाइड को AI डिवाइड में बदलने से रोकना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि AI के फायदे सभी लोगों तक पहुंचने चाहिए और इसके लिए वैश्विक स्तर पर जिम्मेदारी के साथ काम करना जरूरी है।
उन्होंने AI के रोजगार पर प्रभाव को लेकर भी बात की और कहा कि यह तकनीक वर्कफोर्स को नया रूप देगी। कुछ नौकरियां ऑटोमेट होंगी, कुछ भूमिकाएं विकसित होंगी और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
भारत समेत कई देशों में निवेश का जिक्र
सुंदर पिचाई ने भारत में निवेश की योजनाओं का भी जिक्र किया, जिसमें विशाखापट्टनम में निवेश शामिल है। इसके अलावा उन्होंने थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में भी टेक निवेश का उल्लेख किया।










