
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कनाडा और चीन के बढ़ते संबंधों को लेकर तीखा बयान दिया। ट्रम्प ने कहा कि अगर कनाडा ने चीन के साथ अपनी नजदीकियां जारी रखीं, तो चीन उसे एक साल के अंदर ही “खा जाएगा”। उन्होंने कनाडा को उत्तर अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा तक बता दिया। दरअसल, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के ‘गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट’ का विरोध किया है। इसी के साथ उनकी हालिया चीन यात्रा और वहां किए गए व्यापार समझौतों ने ट्रम्प को और नाराज कर दिया।
कनाडा-चीन व्यापार समझौते से क्यों नाराज हैं ट्रम्प?
कनाडाई पीएम मार्क कार्नी 13 से 17 जनवरी के बीच चीन दौरे पर रहे, जहां दोनों देशों के बीच कई अहम व्यापारिक करार हुए। इन समझौतों के तहत कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर लगाए गए भारी टैरिफ को घटाने का फैसला किया।
गौरतलब है कि 2024 में अमेरिका और कनाडा ने मिलकर चीनी EV पर 100% टैरिफ लगाया था। लेकिन नए समझौते के तहत कनाडा इसे घटाकर 6.1% करने जा रहा है। यह छूट सालाना 49 हजार गाड़ियों पर लागू होगी, जिसे 5 साल में बढ़ाकर 70 हजार तक किया जा सकता है।
इसके बदले चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ में बड़ी कटौती की है। पहले जहां यह टैरिफ 84% तक था, अब इसे घटाकर 15% कर दिया गया है और साल के अंत तक इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
कार्नी का दावोस भाषण बना विवाद की जड़
20 जनवरी को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मार्क कार्नी ने ‘नए वर्ल्ड ऑर्डर’ पर एक चर्चित भाषण दिया। इस भाषण में उन्होंने बड़ी शक्तियों के दबदबे और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की कमजोरियों पर सवाल उठाए।
कार्नी ने कहा कि जब ताकतवर देशों को फायदा होता है, तो वे नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून और व्यापार नियम सभी देशों पर बराबर लागू नहीं होते। कमजोर देशों को अक्सर मजबूरी में वही स्वीकार करना पड़ता है, जो ताकतवर देश तय करते हैं।
ट्रम्प का पलटवार: कनाडा को अमेरिका का शुक्रगुजार होना चाहिए
दावोस भाषण के अगले ही दिन ट्रम्प ने कार्नी पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका कनाडा को कई तरह की मुफ्त सुविधाएं देता है और इसके लिए कनाडा को “थैंक यू” कहना चाहिए।
ट्रम्प ने यहां तक कह दिया कि कनाडा का अस्तित्व अमेरिका की वजह से है और कार्नी को बयान देते समय यह बात याद रखनी चाहिए।
कार्नी का जवाब: कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा नहीं है
22 जनवरी को क्यूबेक सिटी में देश को संबोधित करते हुए मार्क कार्नी ने ट्रम्प के बयान का सख्त जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कनाडा और अमेरिका की साझेदारी मजबूत रही है, लेकिन कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा नहीं है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा आगे इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि यहां के लोग मेहनती हैं और देश लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया को यह दिखाना जरूरी है कि वैश्विक राजनीति में एक दूसरा रास्ता भी संभव है।
ट्रम्प और कार्नी के बीच पुराना तनाव
ट्रम्प और कार्नी के बीच टकराव कोई नया नहीं है। ग्रीनलैंड मुद्दे पर भी दोनों आमने-सामने आ चुके हैं। कार्नी ने साफ कहा था कि ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला अमेरिका नहीं कर सकता और कनाडा डेनमार्क की संप्रभुता के साथ खड़ा है।
इसके अलावा ट्रम्प कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कह चुके हैं। इस पर कार्नी ने दो टूक जवाब देते हुए कहा था कि कनाडा “बिकाऊ नहीं है” और कभी अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा।
अमेरिका-कनाडा रिश्तों में बढ़ती दरार
मार्क कार्नी के हालिया बयानों और चीन के साथ बढ़ते संबंधों के बाद अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तनाव और गहरा हो गया है। ट्रम्प की नाराजगी अब खुलकर सामने आ चुकी है और आने वाले समय में यह टकराव और बढ़ सकता है।









