
US offers Venezuelan oil to India अमेरिका भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि यह इजाजत अमेरिका की निगरानी और कुछ सख्त शर्तों के तहत दी जा सकती है। हालांकि, इन शर्तों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण रुका हुआ भारत-वेनेजुएला तेल व्यापार एक बार फिर शुरू हो सकता है। यह भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है।
रिलायंस भी चाहती है वेनेजुएला से तेल की मंजूरी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की दिग्गज निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भी अमेरिका से वेनेजुएला का तेल खरीदने की अनुमति मांग रही है। सूत्रों का कहना है कि रिलायंस इस मुद्दे पर अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट और ट्रेजरी डिपार्टमेंट से बातचीत कर रही है। दरअसल, पश्चिमी देश भारत पर रूस से तेल आयात घटाने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में रिलायंस वैकल्पिक तेल आपूर्ति के विकल्प तलाश रही है, और वेनेजुएला इसमें एक अहम विकल्प बन सकता है।
अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले भारत का बड़ा तेल स्रोत था वेनेजुएला
वेनेजुएला OPEC का सदस्य देश है और उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, हालांकि वह वैश्विक सप्लाई में सिर्फ करीब 1% का योगदान देता है। 2019 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें सेकेंडरी सैंक्शंस भी शामिल थे। इसके तहत वे देश या कंपनियां, जो वेनेजुएला से तेल खरीदती थीं, उन्हें अमेरिकी बाजार और बैंकिंग सिस्टम से बाहर किया जा सकता था। इन प्रतिबंधों के चलते भारत समेत कई देशों ने वेनेजुएला से तेल खरीदना बंद कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस समय भारत अपने कुल तेल आयात का लगभग 6% वेनेजुएला से मंगाता था।
भारत को मिलेगा तेल आयात का नया विकल्प
अगर भारत को दोबारा वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत मिलती है, तो इससे भारत को तेल आयात के लिए एक और मजबूत विकल्प मिलेगा। यह भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और आयात पर निर्भरता को संतुलित करेगा। भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है।
2023–24 में अस्थायी राहत, फिर 2025 में सख्ती
अमेरिका ने 2023 और 2024 के दौरान वेनेजुएला पर आंशिक रूप से प्रतिबंधों में ढील दी थी। इस दौरान भारत ने फिर से वेनेजुएला से तेल आयात शुरू किया। 2024 में भारत का तेल आयात औसतन 63,000 से 1 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 1.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया। लेकिन मई 2025 में अमेरिका ने फिर से सख्ती बढ़ा दी, जिसके बाद 2026 की शुरुआत में भारत का वेनेजुएला से क्रूड आयात घटकर केवल 0.3% रह गया।
जामनगर रिफाइनरी के लिए अहम है वेनेजुएला का तेल
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है, जिसकी क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन है। 2025 के शुरुआती चार महीनों में वेनेजुएला की सरकारी कंपनी PDVSA ने रिलायंस को चार टैंकरों के जरिए रोजाना करीब 63,000 बैरल तेल की आपूर्ति की थी। लेकिन अमेरिकी लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद मई 2025 में आखिरी खेप भारत पहुंची। रिलायंस ने साफ किया है कि अगर अमेरिकी नियमों के तहत गैर-अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत मिलती है, तो वह दोबारा खरीद पर विचार करेगी।
अमेरिका तय करेगा कौन करेगा वेनेजुएला में निवेश
शुक्रवार को व्हाइट हाउस में ट्रम्प ने एक्सॉन मोबिल, शेवरॉन और कोनोकोफिलिप्स जैसी बड़ी तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका यह तय करेगा कि कौन-सी कंपनियां वेनेजुएला में निवेश करेंगी। उन्होंने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में करीब 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश की बात भी कही।
ट्रम्प का दावा – मुनाफा तीन हिस्सों में बंटेगा
ट्रम्प ने कहा कि कंपनियों को निवेश करना होगा और मुनाफा वेनेजुएला, अमेरिका और कंपनियों के बीच बांटा जाएगा। उनके मुताबिक, इस योजना का फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है। हालांकि, एक्सॉन मोबिल के CEO डैरेन वुड्स ने कहा कि फिलहाल वेनेजुएला निवेश के लिए सुरक्षित नहीं है, क्योंकि कंपनी के एसेट पहले दो बार जब्त किए जा चुके हैं।
अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल तेल देगा वेनेजुएला
ट्रम्प ने हाल ही में दावा किया कि वेनेजुएला अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल कच्चा तेल देगा। यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा और इससे मिलने वाली रकम पर अमेरिकी प्रशासन का नियंत्रण रहेगा। 5 करोड़ बैरल तेल की मौजूदा कीमत करीब 25 हजार करोड़ रुपये आंकी जा रही है। ट्रम्प के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अमेरिका और वेनेजुएला के लोगों के हित में किया जाएगा।









