
21 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक बड़ी घटना हुई, जिसने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध गौरक्षक और गौ-सेवक संत चंद्रशेखर, जिन्हें स्थानीय लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जानते हैं, की मौत हो गई। यह घटना ईद के दिन (20-21 मार्च 2026 की तड़के) हुई, जिसके बाद उनके समर्थकों और गौरक्षकों में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना क्या हुई ?
- घटना मथुरा के थाना कोसीकलां क्षेत्र के अंतर्गत कोटवन चौकी के पास नवीपुर गांव के नजदीक हुई।
- बाबा चंद्रशेखर को गौ-तस्करी (गो-तस्करी) की सूचना मिली थी। वे अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर संदिग्ध तस्करों का पीछा कर रहे थे।
- तड़के करीब 4 बजे नवीपुर के पास पहुंचते ही आरोपियों ने अपनी गाड़ी (ट्रक या कंटेनर) से उन्हें कुचल दिया। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
- कई रिपोर्टों में इसे हत्या बताया जा रहा है, न कि साधारण दुर्घटना। आरोप है कि यह सोची-समझी साजिश थी, क्योंकि तस्करों ने जानबूझकर बाबा पर गाड़ी चढ़ाई।
- पुलिस ने एक आरोपी (एक मुस्लिम युवक) को मौके से या बाद में पकड़ा, जबकि तीन अन्य फरार बताए जा रहे हैं।
मौत के बाद बवाल और विरोध
- बाबा की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों गौरक्षक और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।
- उन्होंने दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19) पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात कई घंटों तक ठप रहा।
- प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, SDM की गाड़ी तोड़ी गई, और पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
- लोग ट्रक चालक/तस्करों की तत्काल गिरफ्तारी, हत्या की उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
- कुछ जगहों पर माहौल तनावपूर्ण रहा, खासकर ईद के मौके पर यह घटना और संवेदनशील हो गई।
बाबा चंद्रशेखर कौन थे?
- वे ब्रज क्षेत्र (मथुरा-वृंदावन) में गौरक्षा के प्रमुख चेहरों में से एक थे।
- ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर, क्योंकि वे फरसा (एक तरह का हथियार) लेकर गौ-तस्करों का मुकाबला करते थे।
- वे गौ-सेवा और गौरक्षा के लिए समर्पित थे और इलाके में काफी लोकप्रिय थे।
यह घटना अभी ताजा है (21 मार्च 2026 दोपहर तक), इसलिए जांच जारी है। पुलिस और प्रशासन स्थिति संभालने में जुटे हैं, और CM योगी आदित्यनाथ ने भी कड़े शब्दों में कहा है कि हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा।









