
Trump threatens 25% additional tariffs on trade with Iran अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने यह घोषणा सोमवार रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर की और कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। हालांकि अब तक व्हाइट हाउस की ओर से इस फैसले को लेकर कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है।
ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण
यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब ईरान में सरकार और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। नॉर्वे स्थित संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) के मुताबिक अब तक इन प्रदर्शनों में 648 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 9 नाबालिग भी शामिल हैं। हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं।
ईरानी करेंसी लगभग शून्य के स्तर पर
ईरान की मुद्रा रियाल ऐतिहासिक गिरावट पर पहुंच गई है।
भारतीय मुद्रा में 1 ईरानी रियाल की कीमत सिर्फ 0.000079 रुपए रह गई है, जो देश की बदहाल आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
भारत पर पहले ही 50% अमेरिकी टैरिफ
अमेरिका पहले ही भारत पर कुल 50% टैरिफ लगा चुका है 25% रेसिप्रोकल टैरिफ : 25% रूस से कच्चा तेल आयात करने पर पेनल्टी अगर ईरान से व्यापार को लेकर भारत पर 25% और लगाया जाता है, तो कुल टैरिफ 75% तक पहुंच सकता है। क्या भारत पर 575% तक टैरिफ लग सकता है? ट्रम्प पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि रूस से व्यापार जारी रखने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सकता है।
अगर भारत रूस से व्यापार जारी रखता है- 500%
ईरान से व्यापार करता है – 25%
मौजूदा टैरिफ – 50% तो सैद्धांतिक रूप से भारत पर कुल 575% टैरिफ लगने की आशंका जताई जा रही है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आज बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच आज फिर से ट्रेड डील पर बातचीत होनी है।
दोनों देशों का लक्ष्य 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार तक पहुंचने का है।
भारत की मांग
कुल टैरिफ 50% से घटाकर 15% किया जाए
रूस से तेल आयात पर लगी 25% पेनल्टी पूरी तरह हटाई जाए
ट्रम्प के टैरिफ अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट कल यह तय कर सकता है कि राष्ट्रपति को एकतरफा टैरिफ लगाने का अधिकार है या नहीं। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर कोर्ट ने उनके अधिकार सीमित किए, तो अमेरिका को भारी आर्थिक नुकसान पहले वसूले गए टैरिफ लौटाने की मजबूरी और गंभीर प्रशासनिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार
वर्ल्ड बैंक (2022) के अनुसार ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं: चीन , संयुक्त अरब अमीरात (UAE), भारत
2022 में ईरान का कुल व्यापार
निर्यात: 80.9 अरब डॉलर
आयात: 58.7 अरब डॉलर
कुल व्यापार: लगभग 140 अरब डॉलर
भारत–ईरान व्यापार और चाबहार बंदरगाह
भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संबंध पुराने और रणनीतिक हैं।
भारत ईरान को चावल, चाय, चीनी दवाइयां, मशीनरी बिजली उपकरण निर्यात करता है, जबकि ईरान से सूखे मेवे रसायन, कांच उत्पाद आयात करता है।
चाबहार बंदरगाह का महत्व
चाबहार बंदरगाह भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी पहुंच पाकिस्तान को बायपास करने का रणनीतिक रास्ता । अगर अमेरिका चाबहार को मिली प्रतिबंध छूट वापस लेता है, तो भारत की कई कंपनियों पर अमेरिकी कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
ईरान छोड़ने की अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी
ट्रम्प प्रशासन ने ईरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। वर्चुअल US एम्बेसी ने सुरक्षा अलर्ट जारी कर कहा है कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं हिंसा, गिरफ्तारियां और जान का खतरा बढ़ सकता है अमेरिका और ईरान के बीच 1980 से राजनयिक संबंध नहीं हैं, इसलिए ईरान में अमेरिका का कोई फिजिकल दूतावास नहीं है।









