TMC सांसद कीर्ति आजाद की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, लोकसभा में E-Cigarette पीने का मामला

TMC MP Kirti Azad and E-Cigarette
TMC MP Kirti Azad and E-Cigarette

TMC MP Kirti Azad and E-Cigarette, लोकसभा के भीतर E-Cigarette पीने का वीडियो वायरल होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस पूरे मामले में अब गेंद सीधे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पाले में है। पार्टी की प्रतिक्रिया को देखते हुए साफ है कि इस मुद्दे पर कीर्ति आजाद को वैसा राजनीतिक संरक्षण मिलता नहीं दिख रहा, जैसा पहले अन्य मामलों में देखने को मिला है।

लोकसभा में वायरल वीडियो से मचा सियासी बवाल, TMC MP Kirti Azad and E-Cigarette

17 दिसंबर बुधवार,  2025, को कीर्ति आजाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्हें लोकसभा के भीतर E-Cigarette (Vape) पीते हुए देखा गया । इस वीडियो को बीजेपी ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर शेयर किया, जिसके बाद मामला राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया। हालांकि, इस मुद्दे की चिंगारी इससे पहले ही 11 दिसंबर को लोकसभा के भीतर उठ चुकी थी।

अनुराग ठाकुर ने उठाया मुद्दा, स्पीकर से की कार्रवाई की मांग

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने शून्य काल के दौरान बिना नाम लिए इस मामले को उठाया और कहा कि सदन के भीतर ई-सिगरेट पीना संसद की गरिमा के खिलाफ है । उन्होंने स्पीकर से मांग की कि लोकसभा नियमों के तहत संबंधित सांसद पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए । इस पर स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट कहा कि यदि लिखित शिकायत दी जाती है, तो मामले पर कार्रवाई की जाएगी । अगले ही दिन अनुराग ठाकुर ने लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि “सत्र के दौरान टीएमसी के एक सांसद को सदन में खुलेआम ई E-Cigarette पीते देखा गया।”

TMC का रुख: ‘हम ऐसे व्यवहार को बढ़ावा नहीं देते’

मामले पर टीएमसी के लोकसभा नेता अभिषेक बनर्जी से सवाल किया गया। उन्होंने कहा था कि अगर पूरा और भरोसेमंद वीडियो सबूत सामने आता है, तो पार्टी उचित कदम उठाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा – “हम ऐसे व्यवहार को प्रोत्साहित नहीं करते। संसद स्मोकिंग की जगह नहीं है। हम संसद की गरिमा और नियमों का सम्मान करते हैं।”इसके बाद वह वीडियो सार्वजनिक हो गया, जिसकी मांग टीएमसी कर रही थी।

भारत में E-Cigarette पर क्या कहता है कानून?

इसी दिन राज्यसभा में भी ई-सिगरेट को लेकर सवाल उठाया गया।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में बताया कि —

प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक्ट, 2019 (PECA) के तहत:

E-Cigarette का उत्पादन

निर्माण

आयात-निर्यात

बिक्री

वितरण

भंडारण

और प्रचार

पूरी तरह प्रतिबंधित है।

इस कानून को लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एजेंसियों पर है।

क्या E-Cigarette पीना अपराध है? यहां है कानूनी पेच

PECA कानून का एक अहम पहलू यह है कि — E-Cigarette का इस्तेमाल करना या व्यक्तिगत उपयोग के लिए रखना, सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में नहीं आता। यानी तकनीकी रूप से लोकसभा में वेपिंग करते दिखना कानूनन अपराध न भी माना जाए, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता ।

संसद की गरिमा का उल्लंघन:स्पीकर कर सकते हैं सख्त कार्रवाई

कीर्ति आजाद पर आरोप कानून उल्लंघन से ज्यादा संसद की गरिमा और सांसदों के आचरण नियमों से जुड़ा है। यदि यह साबित होता है कि उन्होंने सदन में अनुचित व्यवहार किया —

तो स्पीकर के पास ये अधिकार हैं:

  • सांसद को निश्चित अवधि के लिए निलंबित करना
  • मामले को लोकसभा की एथिक्स कमेटी को भेजना
  • समिति की सिफारिश पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करना

अब सबकी नजर स्पीकर ओम बिरला के फैसले पर

इस पूरे विवाद में अब सबसे अहम भूमिका लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह इस मामले को केवल चेतावनी तक सीमित रखते हैं या फिर इसे संसद की आचार समिति को सौंपकर नजीर कायम करने वाला फैसला लेते हैं।

फिलहाल इतना तय है कि कीर्ति आजाद के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं दिख रहा।

Pradeep Dabas

Writer & Blogger

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