
Sword distributor Pinky Chaudhary released on bail, हमेशा विवादों में रहने वाले पिंकी चौधरी और उनके बेटे दक्ष गुरुवार सुबह जेल से रिहा हो गए। उनकी रिहाई के साथ ही पुलिस प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई। जैसे ही रिहाई की खबर फैली, सुबह से ही जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। जेल से बाहर निकलते ही समर्थकों ने पिंकी चौधरी और उनके बेटे को घेर लिया और फूल-मालाओं से लाद दिया। इस दौरान मिठाइयां बांटी गईं और जमकर नारेबाजी हुई। पूरे घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए।
बुधवार को मिली जमानत गुरुवार को रिहाई
हिंदू रक्षा दल से जुड़े गौरव के अनुसार, पिंकी चौधरी और उनके बेटे को कोर्ट से बुधवार को ही जमानत मिल गई थी, लेकिन जेल में परवाना देर से पहुंचने के कारण उनकी रिहाई गुरुवार सुबह हो सकी। रिहाई के बाद जेल से बाहर निकलते ही गाड़ियों का लंबा काफिला निकला। समर्थक कारों की खिड़कियों से बाहर लटककर नारेबाजी करते नजर आए। तेज हॉर्न बजाए गए और सड़कों पर आतिशबाजी भी की गई। इस पूरे शक्ति प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस दौरान ट्रैफिक पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
29 दिसंबर को शालीमार गार्डन में तलवार वितरण का मामला
गौरतलब है कि 29 दिसंबर को पिंकी चौधरी और उसके समर्थकों ने शालीमार गार्डन इलाके में सड़क पर स्टॉल लगाकर और हिंदुओं के घर-घर जाकर तलवारें बांटी थीं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हिंदू रक्षा दल के 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था और बड़ी संख्या में तलवारें बरामद की थीं। उस समय पिंकी चौधरी अपने बेटे के साथ फरार हो गया था।
फरारी के दौरान प्रशासन को दी थी खुली चुनौती
फरारी के दौरान पिंकी चौधरी ने दो अलग-अलग वीडियो जारी किए थे, जिनमें उसने तलवार वितरण को हिंदुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया था। साथ ही अपने साथियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी थी पुलिस ने पिछले हफ्ते पिंकी चौधरी और उसके बेटे दक्ष को वजीराबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसी मामले में गुरुवार को दोनों की रिहाई हुई है।
पुलिस इंतजामों पर फिर उठे सवाल
पिंकी चौधरी की रिहाई के दौरान निकले काफिले और खुलेआम हुए शक्ति प्रदर्शन ने पुलिस के सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के घटनाक्रम से कानून-व्यवस्था को गंभीर चुनौती मिलती है।









