
Swami Avimukteshwarananda sat on a protest against the stoppage of the Rath Yatra. प्रयागराज माघ मेला एक बार फिर विवादों में है। ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी (रथ यात्रा) रोके जाने के विरोध में धरने पर बैठे हुए हैं। शंकराचार्य उसी स्थान पर धरना दे रहे हैं, जहां पुलिस उन्हें छोड़कर गई थी। उन्होंने पूरी रात कड़ाके की ठंड में फुटपाथ पर बिताई। शंकराचार्य ने पिछले 23 घंटे से अन्न का एक दाना तक ग्रहण नहीं किया, यहां तक कि पानी भी नहीं पिया। इसके बावजूद उन्होंने धरना स्थल पर ही पूजा-पाठ और दंड तर्पण किया।
“मां गंगा से मिलने के लिए परमिशन कौन देता है?”
शंकराचार्य ने भावुक अंदाज में कहा: “मां और बेटे के बीच परमिशन देने वाले कौन होते हैं? माघ मेला शंकराचार्यों द्वारा बसाया गया है।” उन्होंने कहा कि आज भी बद्रीनाथ धाम में शंकराचार्य की पालकी परंपरा से चलती है, फिर प्रयागराज में उसे क्यों रोका गया।
प्रशासन माफी मांगे, तभी आश्रम में प्रवेश करेंगे : शंकराचार्य
सोमवार दोपहर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकराचार्य ने साफ कहा कि “जब तक मेला प्रशासन स्वयं आकर माफी नहीं मांगता, तब तक हम अपने आश्रम या शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे। फुटपाथ पर ही रहेंगे।” उन्होंने कहा कि इतिहास में शंकराचार्य हमेशा पालकी में ही स्नान के लिए जाते रहे हैं और हर वर्ष यही परंपरा निभाई जाती है।
सम्मान और प्रोटोकॉल के बिना नहीं होगा गंगा स्नान
शंकराचार्य ने दो टूक कहा कि “जब तक पुलिस-प्रशासन सम्मान और पूरे प्रोटोकॉल के साथ हमें स्नान के लिए नहीं ले जाएगा, तब तक मैं गंगा स्नान नहीं करूंगा।” उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे आगे से प्रयागराज के हर मेले में आएंगे, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं रुकेंगे।
“जहां पुलिस छोड़ेगी, वहीं फुटपाथ पर व्यवस्था करेंगे।”
मौनी अमावस्या विवाद का CCTV आया सामने । इस पूरे विवाद के बीच मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य की रथ यात्रा के दौरान हुए हंगामे का CCTV फुटेज सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाई थी। इसी दौरान शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी हुई। समर्थकों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ना शुरू किया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
शिष्य पर लाठीचार्ज का आरोप, खून से सना पटका दिखाया
शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 14 वर्षीय शिष्य का खून लगा पीला पटका दिखाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट में शिष्य की नाक से खून बहने लगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनके 35 समर्थकों को हिरासत में ले लिया, जिससे वे पूरी तरह अकेले पड़ गए।
10-11 मार्च को दिल्ली में संत शक्ति प्रदर्शन का ऐलान
शंकराचार्य ने कहा कि “बीजेपी सरकार गौ-हत्या को बढ़ावा दे रही है। हम गौ-माता के लिए संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए हमें परेशान किया जा रहा है।” उन्होंने ऐलान किया कि 10-11 मार्च को चैत्र शीतला सप्तमी-अष्टमी पर दिल्ली में संत समाज एकजुट होकर शक्ति प्रदर्शन करेगा।
प्रशासन पर गंभीर आरोप
शंकराचार्य ने कहा पुलिस ने बार-बार पालकी से उतरने का दबाव बनाया । भीड़ में जान का खतरा था। अगर कोई हादसा होता, तो पूरा दोष शंकराचार्य पर डाला जाता । उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पुलिस अपने आरोपों से जुड़ा पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक करे।
धरना जारी, समाधान का इंतजार
फिलहाल शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना जारी है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। माघ मेले में यह मामला धार्मिक परंपरा, प्रशासनिक प्रोटोकॉल और सम्मान को लेकर बड़ा विवाद बनता जा रहा है।









