
बजट सत्र के पांचवें दिन लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण यह केवल 8 मिनट ही चल पाई। विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके चलते स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन सिर्फ 13 मिनट ही चल सका
दूसरी बार जब कार्यवाही शुरू हुई, तब भी हालात नहीं सुधरे। इस बार सदन सिर्फ 13 मिनट ही चल सका। लगातार नारेबाजी और हंगामे के चलते स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को समझाते हुए कहा कि नारेबाजी संसदीय नियमों के खिलाफ है और इससे सदन का कामकाज बाधित होता है। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध जारी रहा।
सूत्रों के अनुसार, सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्पीकर ओम बिरला ने कांग्रेस और भाजपा के सांसदों के साथ बैठक भी की है, ताकि आगे कार्यवाही बिना हंगामे के चल सके।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर सियासत तेज
इधर, अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर भी संसद में सियासत गरमाई हुई है। मंगलवार सुबह हुई NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया गया। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री किरेण रिजिजू ने ट्रेड डील को ऐतिहासिक और बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के लिए फायदेमंद है और इससे आम लोगों को भी लाभ मिलेगा।
वहीं, विपक्ष ने इस ट्रेड डील को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जिस तरह पहले सीजफायर की घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति ने की थी, उसी तरह ट्रेड डील की जानकारी भी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर समझौता कर लिया है।
संसद परिसर के अन्य घटनाक्रम
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद परिसर में पार्टी सांसदों से बातचीत की, लेकिन मीडिया से सवाल-जवाब किए बिना ही वहां से चले गए।
संसद के बाहर तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल एक-दूसरे से मिले और गले मिलते नजर आए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने राहुल गांधी से जिम्मेदारी दिखाने की अपील की और कहा कि उनके कारण कई सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिल पा रहा है।
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के दौरान अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति क्षतिग्रस्त होने के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
कुल मिलाकर, बजट सत्र के इस दिन संसद में हंगामे और राजनीतिक बयानबाजी का माहौल बना रहा, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।










