
अगर आप अभी “Shreyas Mishra JEE Topper” सर्च करके इस आर्टिकल पर आए हैं, तो जाहिर है आपके मन में एक ही सवाल होगा—आखिर कैसे कोई स्टूडेंट देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में 100 पर्सेंटाइल ला सकता है, वो भी तब जब उसने एक सवाल छोड़ा और एक गलत किया?
यही कहानी आज पूरे देश के छात्रों के लिए मोटिवेशन बन चुकी है।
दिल्ली के रहने वाले 17 वर्षीय Shreyas Mishra ने JEE Main 2026 Session 1 में परफेक्ट 100 पर्सेंटाइल हासिल कर इतिहास रच दिया है। 13 लाख से अधिक छात्रों के बीच यह उपलब्धि उन्हें देश के चुनिंदा 12 टॉपर्स में शामिल करती है—और खास बात ये है कि दिल्ली से ऐसा करने वाले वह इकलौते छात्र हैं।
6 साल की तैयारी और रोज़ 12–14 घंटे की पढ़ाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रेयस ने 2019 से ही इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी और पिछले कई वर्षों से रोज़ाना 12 से 14 घंटे तक पढ़ाई की।
उन्होंने अपने स्मार्टफोन से लगभग सभी सोशल मीडिया ऐप्स डिलीट कर दिए ताकि तैयारी के दौरान कोई भी डिजिटल डिस्ट्रैक्शन उनके फोकस को प्रभावित न कर सके।
यह छोटा सा निर्णय उनकी सफलता की बड़ी वजह बना।
100 पर्सेंटाइल के पीछे की असली स्ट्रेटेजी
श्रेयस की सफलता सिर्फ मेहनत का नहीं बल्कि स्मार्ट स्ट्रेटेजी का भी नतीजा है:
- कॉन्सेप्ट बेस्ड स्टडी पर फोकस
- सोशल मीडिया से दूरी
- नियमित मॉक टेस्ट एनालिसिस
- डाउट क्लियरिंग पर विशेष ध्यान
- सेल्फ डिसिप्लिन और टाइम मैनेजमेंट
बचपन से ही उनकी जिज्ञासु प्रवृत्ति और सवाल पूछने की आदत ने उन्हें जटिल विषयों को गहराई से समझने में मदद की।
आगे का सपना: IIT में कंप्यूटर इंजीनियरिंग
Shreyas Mishra JEE Topper का अगला लक्ष्य JEE Advanced है। श्रेयस का सपना देश के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Technology Delhi या अन्य टॉप IITs से कंप्यूटर इंजीनियरिंग करना है।
उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा में की गई मेहनत और निरंतरता से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
परीक्षा से जुड़े कुछ अहम आंकड़े
- JEE Main 2026 Session 1 में करीब 13.04 लाख छात्रों ने परीक्षा दी
- देशभर के 326 शहरों में परीक्षा आयोजित की गई
- कुल 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए
- परीक्षा का आयोजन National Testing Agency द्वारा किया गया









