
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रस्तावित मनरेगा बचाओ आंदोलन असल में योजना को बचाने की नहीं, बल्कि पुराने भ्रष्टाचार को बचाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राम से भी दिक्कत है, ग्राम से भी और काम से भी।
कांग्रेस के शासन में मनरेगा बना घोटालों का जरिया
शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राजनीतिक संस्कारों में ही भ्रष्टाचार शामिल है। उनके अनुसार, कांग्रेस शासन के दौरान मनरेगा में मशीनों और ठेकेदारों के जरिए काम कराए गए, जिससे बड़े पैमाने पर घोटाले हुए। कई जगह एक ही सड़क बार-बार बनाई गई, नहरों की सफाई के नाम पर पैसा निकाला गया और 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को भी मजदूर दिखाकर भुगतान किया गया।
खर्च हजारों करोड़, लेकिन स्थायी काम कहां?
केंद्रीय मंत्री ने आंकड़े रखते हुए सवाल खड़ा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मनरेगा पर करीब दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि मौजूदा मोदी सरकार के दौरान 8,848 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके बावजूद कांग्रेस यह नहीं बता पाती कि उस भारी खर्च से कौन-सी स्थायी संपत्तियां बनीं। उन्होंने यह भी कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के मजदूरों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से ज्यादा थी, जो योजना के दुरुपयोग को दिखाता है।
नई व्यवस्था से कांग्रेस क्यों परेशान?
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस आधी बात सुनती है और पूरी अफवाह फैलाती है। यह प्रचार किया जा रहा है कि मजदूरों को काम नहीं मिलेगा, जबकि सच्चाई यह है कि मनरेगा से अधिक पारदर्शी और प्रभावी ‘G RAM G’ मॉडल लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसलिए बेचैन है क्योंकि अब भ्रष्टाचार के रास्ते बंद हो रहे हैं।
‘G RAM G’ कानून में मजदूरों को ज्यादा अधिकार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि G RAM G कानून के तहत अब 100 दिन के बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी दी गई है। मजदूरी में देरी होने पर दंड का प्रावधान है और श्रमिकों के अधिकारों को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही गांवों में होने वाले विकास कार्यों की निगरानी भी सुनिश्चित की गई है।
गांव के विकास का फैसला अब गांव वाले करेंगे
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब गांव के लोग स्वयं तय करेंगे कि विकास किस दिशा में होगा। पंचायत और सरपंच मिलकर विकसित गांव की रूपरेखा तैयार करेंगे, ताकि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें और जमीन पर दिखाई दें।संसद से गैरहाजिरी पर राहुल गांधी से सवाल
केंद्रीय मंत्री ने नेता विपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब इस कानून पर संसद में चर्चा हो रही थी, तब वे सदन में मौजूद क्यों नहीं थे? उन्होंने बहस में हिस्सा क्यों नहीं लिया? उन्होंने कहा कि बिना चर्चा के आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत है।
भ्रम फैलाने की राजनीति और बीजेपी का जवाब
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस की परेशानी यह है कि अब घोटालों की गुंजाइश खत्म हो रही है। इसी कारण भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस गलतफहमी को दूर करने के लिए बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जल्द ही जनजागरूकता अभियान की घोषणा करेंगे और जनता को सही तथ्य बताए जाएंगे।
विकास विरोध ही कांग्रेस की पहचान: शिवराज
अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का मूल स्वभाव विकास विरोधी है। हर सकारात्मक बदलाव का विरोध करना और देश की प्रगति में बाधा डालना उसकी पहचान बन चुकी है। इंदौर मामले पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय को देख रही है और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।









