
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को समाप्त करने की कोशिश कर रही है, जो महात्मा गांधी के विचारों का सीधा अपमान है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महात्मा गांधी के विचारों और गरीबों के अधिकारों से समस्या है। उन्होंने लिखा—
Rahul said there was an attempt to end MNREGA.
“पिछले 10 वर्षों से मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और अब इसे पूरी तरह खत्म करने का इरादा है। ‘VB-जी राम जी’ बिल गरीब ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा हमला है। कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक इस जनविरोधी बिल का विरोध करेगी।”
क्या है ‘VB-जी राम जी’ बिल?
दरअसल, मोदी सरकार मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’, यानी ‘विकसित भारत-जी राम जी’ स्कीम लाने जा रही है। मंगलवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बिल लोकसभा में पेश किया। यदि यह बिल पास हो जाता है, तो यह मौजूदा MGNREGA कानून को पूरी तरह रिप्लेस कर देगा।
नए बिल के अनुसार, इसका उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। हालांकि, इसमें काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रावधान किया गया है।
राहुल गांधी की मनरेगा पर 2 बड़ी बातें
मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने की जीवित मिसाल है। यह योजना करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए जीवन रेखा रही है और कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हुई।
मनरेगा की नींव तीन मूल सिद्धांतों पर रखी गई थी—
हर जरूरतमंद को काम का अधिकार
गांवों को अपने विकास कार्य तय करने की स्वतंत्रता
मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार और सामग्री लागत का 75% केंद्र द्वारा वहन
लोकसभा में हंगामा, प्रियंका गांधी ने किया विरोध
VB-जी राम जी बिल, 2025 पेश होते ही लोकसभा में हंगामा शुरू हो गया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बिल का विरोध करते हुए कहा—
“हम इस बिल का विरोध करते हैं। सरकार को हर योजना का नाम बदलने की सनक है। यह सनक समझ से परे है।”
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नाम बदलकर मूल भावना और अधिकारों को कमजोर कर रही है।
मनरेगा को खत्म करने पर विपक्षी नेताओं के बयान
शशि थरूर (कांग्रेस सांसद):
“महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत है। उनका विजन राजनीतिक नहीं, सामाजिक विकास का था। राम के नाम को बदनाम मत करो।”
अखिलेश यादव (सपा प्रमुख):
“नाम बदलने से कोई बड़ा काम नहीं होगा। नई स्कीम में बजट का बोझ राज्यों पर डाला जाएगा, जिससे राज्य सरकारों और मुख्यमंत्रियों पर संकट बढ़ेगा। केंद्र अपना बोझ कम कर रहा है।”
हरसिमरत कौर बादल (SAD सांसद):
“इस नए बिल के जरिए गरीबों के अधिकार छीने जा रहे हैं। BJP सरकार भगवान राम के नाम की आड़ में मनरेगा को खत्म करना चाहती है। सरकार का एजेंडा साफ है।”
कुल मिलाकर विवाद का केंद्र
VB-जी राम जी बिल को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं।विपक्ष इसे गरीबों के अधिकारों और मनरेगा की आत्मा पर हमला बता रहा है, जबकि सरकार इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़कर देख रही है। अब इस बिल पर संसद और देश दोनों में सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।










