
ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स के भाई प्रिंस एंड्रयू को सार्वजनिक पद पर रहते हुए कथित गलत आचरण के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे सैंड्रिंघम स्थित उनके आवास से उन्हें हिरासत में लिया। खास बात यह है कि इसी दिन उनका जन्मदिन भी है।
यह मामला एपस्टीन प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है। इस मामले की पीड़िता वर्जीनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2001 में, जब वह 17 वर्ष की थीं, तब प्रिंस एंड्रयू ने उनका यौन शोषण किया था। हालांकि, प्रिंस एंड्रयू ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था। गिफ्रे का अप्रैल 2025 में निधन हो गया था, जिसे आत्महत्या बताया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस गुरुवार सुबह सादे कपड़ों में उन्हें हिरासत में लेने पहुंची थी। इस कार्रवाई के साथ ही प्रिंस एंड्रयू आधुनिक इतिहास में गिरफ्तार होने वाले पहले शाही सदस्य बन गए हैं।
उम्रकैद तक की सजा संभव
इंग्लैंड में सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार को गंभीर अपराध माना जाता है। इस अपराध को साबित करने के लिए यह दिखाना जरूरी होता है कि संबंधित व्यक्ति को अपने कृत्य के गलत होने की जानकारी थी, इसके बावजूद उसने ऐसा किया। इस मामले में अधिकतम सजा उम्रकैद तक हो सकती है और इसकी सुनवाई केवल गंभीर आपराधिक आरोप के तहत अदालत में की जाती है।
ट्रेड एनवॉय पद के दौरान का मामला
माना जा रहा है कि यह मामला उस समय से संबंधित है जब प्रिंस एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय (व्यापार दूत) के पद पर कार्यरत थे। उन्हें 2001 में इस पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन करीब 10 साल बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उस समय उनका नाम अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ संबंधों को लेकर विवादों में आया था। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में भी उल्लेख किया गया था कि पद पर रहते हुए प्रिंस एंड्रयू का जेफ्री एपस्टीन से संपर्क था।










