
वीर बाल दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय और साहसिक कार्यों के लिए 20 बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इन बच्चों को 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुना गया है। दो बच्चों को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया ।
- राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वाले बच्चों में फिरोजपुर के श्रवण सिंह का नाम शामिल हैं। श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बॉर्डर पर जवानों को चाय-नाश्ता देने का काम किया था।
- 14 साल के फेमस क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है ।
- सूरत गुजरात की रहने वाली 7 साल की शतरंज खिलाड़ी वाका लक्ष्मी प्रज्ञिका को खेल के क्षेत्र में पुरस्कार मिला।
- कोनागांव, छत्तीसगढ़ की रहने वाली 14 साल की योगिता मंडावी को खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। योगिता राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी हैं।
- झारखंड की 14 साल की फुटबॉलर अनुष्का को खेल कैटेगरी में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला है।
- असम की आयशी प्रिषा बोराह ने वेस्ट पेपर से पेंसिल बनाने के लिए सम्मानित किया गया है
- चंडीगढ़ के 17 साल के वंश को सामाजिक सेवा के लिए पुरस्कार मिला है ।
- उत्तरप्रदेश के बाराबंकी की रहने वाली 17 साल की पूजा को पर्यावरण के क्षेत्र में पुरस्कार मिला। पूजा को एक बिना धूल वाली थ्रेसर मशीन बनाई है जो वायु प्रदूषण रोकने में कारगर है।
- पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में रहने वाले 16 साल के तबला वादक सुमन सरकार को कला और संस्कृति के क्षेत्र में पुरस्कार मिला।
- मिजोरम की 9 साल की एस्तेर लालदुहावमी हनामते को कला और संस्कृति के लिए पुरस्कार मिला।
- आंध्र प्रदेश की 17 साल की शिवानी होसरु उप्परा दिव्यांग पैरा एथलीट हैं। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- केरल के मोहम्मद सिद्दान ने अपने 2 दोस्तों की जान बचाई थी। पलक्कड़ के 11 साल के सिद्दान के दोस्तों को करंट लग गया था। उन्होंने लकड़ी की मदद से उनकी जान बचाई।
- उत्तरप्रदेश के 9 साल के अजय राज को साहस के लिए अवॉर्ड दिया गया। आगरा के अजय ने अपने पिता को मगरमच्छ की पकड़ से बचाया था। उन्होंने लकड़ी से वार कर मगरमच्छ को मारा था।
- AI सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के लिए सम्मानित हुए 17 साल के अर्णव
- कमलेश कुमार (कैमूर, बिहार) को (मरणोपरांत) साहस के लिए पुरस्कृत किया गया। दुर्गावती नदी में एक दूसरे बच्चे के बाहर जाने पर उसकी जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी ।
- तमिलनाडु की व्योमा को भी मरणोपरांत इस सम्मान से नवाजा गया । एक बच्चे को बचाने में गई 8 साल की व्योमा की जान ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी बच्चों और उनके परिजनों को बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार पाने वाले बच्चों से कहा, “सभी बच्चों ने अपने परिवारों, समाज और पूरे देश का नाम रोशन किया है। इसलिए, मैं इन बच्चों के परिवार वालों को भी दिल से बधाई देती हूं। मैं महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और उनकी पूरी टीम की भी तारीफ करती हूं कि उन्होंने इतने प्रतिभाशाली और होनहार बच्चों के लिए पुरस्कार समारोह आयोजित किया।”
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
केंद्र सरकार की ओर से साल 1996 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को सम्मानित करने के मकसद से राष्ट्रीय बाल पुरस्कार को शुरू किया गया था। साल 1996 से ही पुरस्कार पाने वाले ये बच्चे कर्तव्यपथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेते हैं।
किन बच्चों को मिलता है पुरस्कार ?
बता दें कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए बच्चों का चयन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय करता है । इस पुरस्कार के लिए ऐसे बच्चों का चयन किया जाता है जिनकी उम्र 5 वर्ष से ज्यादा और 18 साल से कम होती है और साथ ही भारतीय नागरिक होना जरूरी है। साल 2018 में बहादुरी के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को भी शामिल किया गया।
शहादत का सम्मान
बता दें कि वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह के चार बेटों की शहादत के सम्मान में आयोजित किया जाता है। गुरु गोविंद सिंह के चार बेटों के नाम अजीत, जुझार, जोरावर और फतेह था। इन्हें साहिबजादे भी कहा जाता है। 1705 में 26 दिसंबर को ही चारों बेटों की मुगल सेना ने हत्या कर दी थी। दो बच्चों को तो जिंदा ही दीवार में चिनवा दिया था । उनकी शहादत का सम्मान करने के लिए PM मोदी ने 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी।
अवॉर्ड जीतने पर मिलता है: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के हर विजेता को एक मेडल और एक सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसके साथ विजेताओं को 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया जाता है।
अवॉर्ड की 7 कैटेगरी: पहले इस पुरस्कार की छह कैटेगरी थी । जिनमें कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार (इनोवेशन), शैक्षणिक, सामाजिक सेवा और खेल शामिल किया गया था । अब पुरस्कार में साइंस और टेक्नोलॉजी को भी शामिल कर दिया गया है ।









