
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया का दो दिवसीय आधिकारिक दौरा पूरा कर भारत वापसी कर ली है। शनिवार को कुआलालंपुर पहुंचे पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया, उद्योग जगत से मुलाकात की और रविवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अहम द्विपक्षीय बातचीत की।
यह दौरा इसलिए भी खास रहा क्योंकि 2024 में भारत-मलेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद यह पीएम मोदी की पहली मलेशिया यात्रा थी और 2026 की उनकी पहली विदेश यात्रा भी।
“दुनिया भारत को भरोसेमंद विकास साझेदार मान रही है” – पीएम मोदी
कुआलालंपुर में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—
“आज दुनिया भारत को एक भरोसेमंद विकास साझेदार के रूप में देख रही है। ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते इसी भरोसे की मिसाल हैं।”
उन्होंने यूएई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ओमान जैसे देशों के साथ बढ़ते सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि भरोसा भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है।
मलेशिया में भारतीय समुदाय को बड़ी सौगात
पीएम मोदी ने मलेशिया में रहने वाले करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु बताया और कई अहम घोषणाएं कीं—
- मलेशिया में नया भारतीय वाणिज्य दूतावास खोला जाएगा
- छात्रों के लिए तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति की शुरुआत
- OCI नियमों में राहत
- पर्यटन और रोजमर्रा के भुगतान के लिए UPI सुविधा
- भारतीय कामगारों की सुरक्षा से जुड़े समझौते
उन्होंने तमिल भाषा और संस्कृति की वैश्विक पहचान का भी विशेष उल्लेख किया।
पीएम मोदी–अनवर इब्राहिम बैठक: 11 समझौतों पर सहमति
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई। इसके बाद 11 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
इन समझौतों में शामिल प्रमुख क्षेत्र—
- सेमीकंडक्टर और डिजिटल इकॉनमी
- इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा
- रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर
- हेल्थकेयर और आयुष
- स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- स्किल डेवलपमेंट और शिक्षा
- ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन
मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी को “मित्र” बताते हुए भारत को अहम व्यापारिक और रणनीतिक साझेदार कहा।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, पाकिस्तान को कड़ा संदेश
संयुक्त बयान में भारत और मलेशिया ने आतंकवाद के हर रूप की कड़ी निंदा की और साफ कहा कि इसके खिलाफ शून्य सहिष्णुता जरूरी है।
पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरे रवैये या समझौते की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।”
बिना पाकिस्तान का नाम लिए दिए गए इस संदेश को सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संकेत माना जा रहा है। दोनों देशों ने आतंकी फंडिंग, कट्टरपंथ और नई तकनीकों के दुरुपयोग पर रोक के लिए सूचना साझा करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तालमेल बढ़ाने पर सहमति जताई।
व्यापार और निवेश को नई रफ्तार
दौरे के अंतिम दिन पीएम मोदी ने मलेशिया के चार बड़े उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात की।
बरजाया कॉर्पोरेशन के चेयरमैन विंसेंट टैन ने मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए भारत में निवेश की इच्छा जताई, खासकर लग्जरी रिसॉर्ट और टूरिज्म प्रोजेक्ट्स में।
पीएम मोदी ने मलेशियाई कंपनियों को—
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- डिजिटल टेक्नोलॉजी
- सेमीकंडक्टर
- AI
- हेल्थकेयर
जैसे क्षेत्रों में निवेश का न्योता दिया।
ASEAN और इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को वैश्विक विकास का केंद्र बताते हुए ASEAN के साथ शांति और स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक अभ्यास और खुफिया सहयोग को और मजबूत करने की बात कही।
दौरे का समापन: रिश्तों को नई दिशा
कुआलालंपुर एयरपोर्ट से भारत रवाना होते समय पीएम मोदी ने मलेशिया सरकार के गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य की खुलकर सराहना की।
यह दौरा भारत-मलेशिया रिश्तों को रणनीतिक, आर्थिक और मानवीय स्तर पर नई ऊंचाई देने वाला साबित हुआ।










