
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक असामान्य वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पेंगुइन अपनी कॉलोनी छोड़कर बर्फीले समुद्र के बजाय सीधे पहाड़ों की ओर अकेले चलता दिख रहा है। यह लंबा सफ़र लगभग 70-80 किलोमीटर का है और गूगल सर्च पर लोग इसे “पेंगुइन जाते पहाड़ों की ओर” जैसे कीवर्ड से ढूँढ रहे हैं।
क्या यह असल में ‘पहाड़ों की यात्रा’ है? वायरल वीडियो की सच्चाई
यह वीडियो कोई नया फुटेज नहीं है, बल्कि 2007 की डॉक्यूमेंट्री “Encounters at the End of the World” का पुराना क्लिप है, जिसे हाल ही में 2026 में फिर से वायरल किया गया है। वीडियो में एक अकेला Adélie पेंगुइन समुद्र के बजाय बर्फीले मैदानों से गुजरते हुए पहाड़ों की ओर चलता दिखता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यह असामान्य व्यवहार आम तौर पर पेंगुइन की सामान्य प्रवृत्ति नहीं है। Adélie पेंगुइन सामान्यतः समुद्र और अपने समूह के आस-पास रहते हैं क्योंकि वहीं उन्हें भोजन और प्रजनन स्थल मिलता है। इसलिए अकेले पहाड़ों की ओर चलना ऑर्किडिनेशन या नेविगेशन एरर की वजह से हो सकता है न कि किसी सामान्य व्यवहार से।
सोशल मीडिया पर कैसे बबड़ गया ये वीडियो?
इंटरनेट पर इस वीडियो को अलग-अलग अर्थ दिए जा रहे हैं—
- कुछ इसे स्वतंत्रता और विद्रोह का प्रतीक मानते हैं।
- वहीं दूसरों ने इसे एक्ज़िस्टेंशियल मिथक या जीवन-मृत्यु पर सोच का प्रतीक बताया है।
लोग इसे “Nihilist Penguin” जैसे नामों से भी पुकार रहे हैं, और इसने वायरल ट्रेंड बनाते हुए लाखों व्यूज और शेयर प्राप्त किए हैं।
वैज्ञानिक मत — पेंगुइन का व्यवहार क्या है?
वाइल्डलाइफ बायोलॉजिस्ट का कहना है कि इस तरह का व्यवहार व्यक्तिगत विचलन (individual deviation) हो सकता है — जैसे नेविगेशन में गलती या भूल। साधारण तौर पर पेंगुइन समुद्र के पास रहते हैं, खाने के लिए वहीं लौटते हैं, और लंबे पहाड़ों की ओर जाना उनका सामान्य व्यवहार नहीं है।
पेंगुइन का यह कदम इंसानी भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण में यह कोई “संदेश” या “निर्णय” नहीं है, बल्कि एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना के रूप में समझा जाता है।
अक्सर लोग इस खबर को क्यों ढूँढ रहे हैं?
जब यूज़र “penguin going to mountains” या हिंदी में “पेंगुइन पहाड़ों की ओर जा रहा है” जैसे शब्द सर्च करते हैं तो वे चाहते हैं:
- वायरल वीडियो की सच-मुच की जानकारी
- वैज्ञानिक कारण और अफ़वाह से अलग तथ्य
- स्वतंत्रता और जीवन पर इंसानी व्याख्याएँ
- वायरल ट्रेंड का सोशल इम्पैक्ट
इसीलिए हमने इसी आधार पर पूरा लेख तैयार किया है।
निष्कर्ष
वायरल वीडियो कलात्मक और भावनात्मक रूप से दिल को छूती है, लेकिन इसका वैज्ञानिक सच यह है कि यह एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना है — पेंगुइन का अकेले लंबी दूरी तय करना।
वैज्ञानिक इसे सामान्य व्यवहार नहीं मानते, बल्कि भ्रम, नेविगेशनल गलती या विचलन के रूप में देखते हैं।
सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो हम इंसानी भावनाओं से जोड़ देते हैं—इन्हें प्रेरणा, अस्तित्व, या अलग हटकर चलने का रूपक मान लेते हैं।








