
15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले की तरफ़ दुनिया की निगाहें टिकी थीं, लेकिन अचानक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के सामने तीन बड़ी शर्तें रख दिए जाने से यह मैच विवादों में घिर गया है।
खिलाड़ियों से लेकर प्रशंसकों तक सभी इस खबर को लेकर हैरान और चिंतित हैं — आखिर क्यों PCB ने ICC की शर्तों को चुनौती दी? और क्या पाकिस्तान अपनी शर्तों पर कायम रहेगा या ICC की दखलबाजी के बाद कोई सुलह-सी सहमति बनेगी? इसका असर क्रिकेट खेलने के नियमों और भविष्य की प्रतियोगिताओं पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
जानें वो तीन मुख्य शर्तें
PCB ने ICC के सामने जो तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं, उनमें शामिल हैं:
- बढ़ा हुआ रेवेन्यू शेयर्ड भुगतान – PCB ने ICC से मांग की है कि टी20 वर्ल्ड कप और अन्य ICC टूर्नामेंटों में पाकिस्तान को आर्थिक साझेदारी और रेवेन्यू शेयर ज्यादा बढ़ाया जाए।
- भविष्य की श्रृंखलाओं के लिए मेजबानी अधिकार – PCB चाहता है कि अगले ICC इवेंट की मेजबानी में पाकिस्तान को प्राथमिक अधिकार मिले।
- मैच-डे व्यवहार और सम्मान प्रोटोकॉल – पाकिस्तान ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि ICC ऐसे नियम लागू करे जिससे मैच के बाद “हैंडशेक” तथा खिलाड़ियों के आचार-व्यवहार को गंभीरता से सुनिश्चित किया जाए।
इन शर्तों को PCB ने बताया है कि ये समानता, सम्मान और भविष्य के अवसरों के लिए जरूरी हैं, पर ICC का रुख अब तक अनिश्चित रहा है।
ICC की प्रतिक्रिया और चेतावनी
ICC ने PCB के इन कदमों पर गंभीर चिंता जताई है। खासकर जब PCB ने अपने निर्णय में “फोर्स मेज्योर” का हवाला दिया ताकि वह भारत के खिलाफ मैच से हट सके, ICC ने इस अव्यवस्था की वैधता पर सवाल उठाया और PCB से पूरा जवाब देने को कहा है।
ICC ने संकेत दिया है कि अगर Pakistan अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता है, तो बोर्ड पर कड़ी कार्रवाई, सैनक्शंस और वित्तीय दंड भी लग सकता है। इस तरह के कदम से पाकिस्तान टीम को न सिर्फ ICC इवेंट में बल्कि द्विपक्षीय सीरीज और क्रिकेट के वैश्विक ढांचे में भी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
विवाद क्यों बढ़ा?
दरअसल, यह झगड़ा इस बात से शुरू हुआ कि पाक सरकार ने अपनी राष्ट्रीय टीम को ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने की अनुमति दी, लेकिन भारत के खिलाफ ग्रुप मैच खेलने की अनुमति नहीं दी। PCB ने पहले कहा कि वह बाकी मैच खेलेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मुकाबले में हिस्सा लेने से इंकार कर दिया।
ICC ने कहा है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच से selectively भाग न लेना खेल की आत्मा के खिलाफ है, और इसी कारण विवाद और भी गंभीर रूप लेता जा रहा है।
BCCI और अन्य बोर्डों की प्रतिक्रिया
इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बयान दिया है कि यह मामला ICC के फैसले पर ही निर्भर है और बोर्ड कोई राजनैतिक झगड़े में तल्लीन नहीं होगा। क्रिकेट भारतीय टीम तैयारियों में जुटी हुई दिख रही है।
साफ़ है कि इस विवाद का समाधान न केवल क्रिकेट के नियमों को प्रभावित करेगा, बल्कि अगले बड़े टूर्नामेंटों की रणनीति और आर्थिक हितों पर भी असर डालेगा।
क्या आगे कुछ बड़ा होने वाला है?
क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस का मानना है कि अगर PCB और ICC के बीच समझौता नहीं होता है, तो T20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक मुकाबले की दशा बदल सकती है। न सिर्फ मैच का आयोजन प्रभावित होगा, बल्कि क्रिकेट के वैश्विक व्यापार मॉडल में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
और अगर ICC अपनी सख्त रुख पर कायम रहता है, तो विकल्पों में स्वर्णिम सुलह, मैच व्यवस्था में बदलाव या बोर्ड के कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं — जो आने वाले दिनों में क्रिकेट की दिशा बदल देंगे।
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