
Pakistan-Afghanistan Conflict 2026: Over 300 deaths, war-like situation after ‘Operation Ghazab-lil-Haq’, दक्षिण एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। Pakistan और Afghanistan के बीच छिड़े सैन्य संघर्ष में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत और 500 से ज्यादा लोग घायल होने की खबर है। दोनों देशों के बीच हवाई हमलों, ड्रोन अटैक और सीमा पार गोलाबारी ने हालात को जंग जैसे बना दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस टकराव पर कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ी तो दखल दे सकता है, लेकिन पाकिस्तान के साथ उसके रिश्ते अच्छे हैं। वहीं, पाकिस्तान ने देश में हो रहे आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका का आरोप लगाया है और दावा किया है कि अफगान तालिबान की जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ संघर्ष?
तनाव की शुरुआत 22 फरवरी को पाकिस्तान द्वारा सीमावर्ती इलाकों में की गई एयरस्ट्राइक से हुई। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने TTP के ठिकानों को निशाना बनाया। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने कार्रवाई की, जिसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू कर दिया।
पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया और नंगरहार समेत कई प्रांतों में एयरस्ट्राइक की।
दोनों देशों के दावे
पाकिस्तान का दावा
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के मुताबिक:
- 274 तालिबान लड़ाके मारे गए
- 400 से ज्यादा घायल
- 115 टैंक और बख्तरबंद वाहन नष्ट
- 74 चौकियां तबाह
- 18 चौकियों पर कब्जा
- 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 27 घायल
तालिबान का दावा
तालिबान का कहना है:
- 8 से 13 लड़ाके मारे गए
- 55 पाकिस्तानी सैनिक ढेर
- दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा
दोनों पक्षों के दावों में भारी अंतर है और स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
ड्रोन हमले और नई पाबंदी
अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के अंदर ड्रोन से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिराए गए।
हालात की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने देशभर में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है।
पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी आदिल रजा ने इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर पर ड्रोन हमले का दावा किया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संसद में निंदा प्रस्ताव, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
Shehbaz Sharif ने सेना मुख्यालय का दौरा कर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई। पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी संगठनों के लिए न होने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से संचालित हो रहा है, जबकि तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
यह संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं है। दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और कूटनीतिक समीकरणों पर गहरा असर पड़ सकता है। अमेरिका सहित कई वैश्विक ताकतें हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह टकराव व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है।
निष्कर्ष
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह संघर्ष सिर्फ सीमावर्ती झड़प नहीं, बल्कि रणनीतिक और राजनीतिक टकराव का संकेत है। हवाई हमले, ड्रोन अटैक और संसद में सख्त बयानबाजी यह दर्शाते हैं कि दोनों देश पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
अब नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीति हालात को संभाल पाएगी या दक्षिण एशिया एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहा है।










