
संसद के Budget Session 2026 के दौरान लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ रही है। इस बीच राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया, जब यह खबर सामने आई कि विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ No-Confidence Motion लाने पर विचार कर रहा है। हालांकि, मौजूदा संख्या बल को देखते हुए विपक्ष के लिए इस प्रस्ताव को पारित कराना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।
Budget Session में क्यों ठप हो रहा है संसद का काम
बजट सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगा रहा है। विपक्ष का कहना है कि अहम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी जा रही, जिसके चलते उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। लगातार हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही कई बार बिना किसी ठोस चर्चा के स्थगित करनी पड़ी।
Kharge–Rahul की बैठक में बना बड़ा प्लान
सोमवार, 9 फरवरी की सुबह राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में विपक्ष की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, इसी बैठक में Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के विकल्प पर गंभीरता से चर्चा की गई।
Opposition Strategy: किन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
बैठक के दौरान यह तय किया गया कि संसद के दोनों सदनों में किन-किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। रणनीति बनाई गई कि सरकार को procedural fairness, freedom of speech in Parliament और international agreements जैसे मुद्दों पर घेरा जाए। विपक्ष का मानना है कि सदन चलाने में bias दिखाया जा रहा है।
Makar Dwar पर Protest, पोस्टर लेकर बैठे सांसद
जब विपक्ष के सांसद संसद पहुंचे तो उन्होंने मकर द्वार (Makar Dwar) पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सांसदों के हाथों में पोस्टर थे, जिन पर लिखा था—
“You can suspend us, but you can’t silence us.”
यह प्रदर्शन सरकार और स्पीकर के खिलाफ विपक्ष के बढ़ते असंतोष को साफ तौर पर दिखाता है।
KC Venugopal का आरोप: विपक्ष की आवाज दबाई जा रही
कांग्रेस सांसद KC Venugopal ने लोकसभा में सरकार और स्पीकर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपराओं के अनुसार नेता प्रतिपक्ष को “Shadow Prime Minister” की भूमिका मिलती है, लेकिन यहां उन्हें बोलने तक की अनुमति नहीं दी जा रही।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के साथ-साथ स्पीकर की ओर से भी कांग्रेस की महिला सांसदों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।
India-US Trade Deal पर चर्चा की अनुमति नहीं?
KC Venugopal ने यह भी कहा कि India-US Trade Agreement जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं दी गई। कांग्रेस का कहना है कि यह देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा बड़ा विषय है, लेकिन सरकार इससे बच रही है। फिलहाल पार्टी ने कहा है कि वह आगे की कार्रवाई के लिए स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
No-Confidence Motion: Symbolic Politics या बड़ा संदेश?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना symbolic politics का हिस्सा हो सकता है। संख्या बल के अभाव में इसके पारित होने की संभावना कम है, लेकिन इसके जरिए विपक्ष सरकार और संसद की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करना चाहता है।










