
On Makar Sankranti a wave of faith surged to bathe in the holy rivers, 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पावन पर्व देशभर में आस्था और श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया गया। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही सुबह से ही देश की प्रमुख नदियों, संगम स्थलों और घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासनिक अनुमानों के मुताबिक, मकर संक्रांति के अवसर पर देशभर में करीब छह से सात करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य किया। घाटों पर “हर हर गंगे”, “जय सूर्य देव” और “हर हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।
नदियों में लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई
उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को लेकर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। संगम तट पर श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद तिल, गुड़, कंबल, अन्न और वस्त्र का दान किया। वाराणसी में गंगा नदी के दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान किया, वहीं हरिद्वार में गंगा के हर की पौड़ी पर भी लाखों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके अलावा अयोध्या में सरयू नदी मथुरा और वृंदावन में यमुना नदी के घाटों पर लगभग श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।
बंगाल बिहार में लाखों लोगों ने किया नदियों में स्नान
बिहार में भी मकर संक्रांति को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी में श्रद्धालुओं ने स्नान किया, वहीं भागलपुर में गंगा तट पर और कोसी अंचल में सहरसा के पास कोसी नदी में लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और दान-पुण्य किया। नदी तटों पर मकर मेले का आयोजन भी किया गया। पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति का सबसे बड़ा आयोजन गंगासागर में हुआ, जहां गंगा और समुद्र के संगम पर लाखों श्रद्धालुओं ने महास्नान किया। इसे मकर संक्रांति का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना गया। कोलकाता में हुगली नदी के विभिन्न घाटों पर भी लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।
नर्मदा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी
मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ओंकारेश्वर, जबलपुर के भेड़ाघाट पर और अमरकंटक में नर्मदा उद्गम स्थल पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। महाराष्ट्र में गोदावरी नदी के नासिक घाटों पर और नांदेड़ में श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि सांगली में कृष्णा नदी पर लाखों लोग स्नान को पहुंचे। गुजरात में भरूच में नर्मदा नदी में भी लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।
राजस्थान में कोटा में चंबल नदी,वहीं टोंक में बनास नदी के तट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। पूर्वी और दक्षिणी भारत में भी मकर संक्रांति का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवरम में गोदावरी नदी और विजयवाड़ा में कृष्णा नदी में लाखों लोगों ने स्नान किया। तमिलनाडु में कावेरी नदी के श्रीरंगम और तिरुचिरापल्ली घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। केरल के अलुवा में पेरियार नदी पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
मकर संक्रांति के साथ पोंगल पर्व भी धूमधाम से मनाया
दक्षिण भारत में मकर संक्रांति के साथ-साथ पोंगल पर्व भी पारंपरिक तरीके से मनाया गया। तमिलनाडु में घर-घर सूर्य देव की पूजा की गई, नए अन्न से पोंगल पकाया गया और पशुधन पूजन किया गया। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में भी संक्रांति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तिल-गुड़, खिचड़ी, कंबल, कपड़े और अन्न का दान किया। भीड़ को देखते हुए सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस, एनडीआरएफ, जल पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों की तैनाती की गई। प्रशासन के अनुसार, अधिकांश स्थानों पर मकर संक्रांति का पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।









