
Now no one will go hungry, A full meal is available for ₹5, गुरुवार 19 फरवरी को राजधानी दिल्ली में गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 24 नई अटल कैंटीनों की शुरुआत की गई। इस योजना का उद्घाटन कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल माध्यम से किया गया, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद दोनों नेताओं ने आम नागरिकों के साथ बैठकर भोजन किया और योजना की व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। अब अटल कैंटीनों की संख्या बढ़कर 70 हो गई । यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
गरीब और मजदूर वर्ग के लिए बड़ी राहत
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि नई कैंटीनों के शुरू होने से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में कम कीमत पर भोजन की सुविधा और मजबूत होगी। उनके अनुसार यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है और इससे शहर में भूख की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। इन कैंटीनों का उद्देश्य दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, रेहड़ी-पटरी संचालकों, सफाई कर्मचारियों और कम आय वर्ग के लोगों को स्वच्छ और सस्ता भोजन उपलब्ध कराना है।
₹5 में सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना मेहनतकश लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि जरूरतमंदों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और स्वाद के मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है और इसका मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ सुविधा देना है। इन कैंटीनों में दाल, सब्जी, रोटी और चावल जैसे संतुलित भोजन उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे लोगों को कम कीमत में भरपेट और पौष्टिक खाना मिल सके।
कौन कर रहा है संचालन?
इन अटल कैंटीनों का संचालन दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और कृष्णा नगर के विधायक डॉ. अनिल गोयल सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। सरकार का कहना है कि कैंटीनों के संचालन में पारदर्शिता, स्वच्छता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अटल कैंटीन योजना का उद्देश्य
अटल कैंटीन योजना का मुख्य उद्देश्य “कोई भूखा न सोए” की सोच को आगे बढ़ाना है। इस योजना के जरिए सरकार शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराना चाहती है।
योजना के प्रमुख लाभ:
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सस्ता भोजन
शहरी गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा
कुपोषण और भूख की समस्या में कमी
स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन
रोजगार के अवसरों में वृद्धि
भविष्य में योजना के विस्तार की तैयारी
सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस योजना का विस्तार कर दिल्ली के अधिक क्षेत्रों में कैंटीन खोलने का है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करती हैं और गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली में 24 नई अटल कैंटीनों की शुरुआत गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाली यह योजना न केवल भूख की समस्या को कम करने में मदद करेगी, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने में भी सहयोग देगी। आने वाले समय में इस योजना के विस्तार से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।










