
23 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया पर उस समय हलचल मच गई, जब ललित मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में ललित मोदी और विजय माल्या दोनों को एक साथ हँसते और बातचीत करते हुए देखा गया। वीडियो सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया और देखते ही देखते यह राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया।
हंसी-मजाक में तंज, लेकिन गंभीर आरोपों की याद
वीडियो में दोनों एक-दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। बताया जा रहा है कि ललित मोदी, विजय माल्या को कथित वित्तीय अपराधों के कारण भारत से फरार होने की स्थिति पर चिढ़ाते दिखते हैं, जबकि माल्या जवाब में आईपीएल से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर ललित मोदी पर कटाक्ष करते हैं। दोनों की बेफिक्र हंसी और हल्का-फुल्का अंदाज़ सोशल मीडिया यूज़र्स को खटक गया।
विजय माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये के बकाया ऋण का मामला
विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े करीब 9,000 करोड़ रुपये के बकाया बैंक ऋण का गंभीर आरोप है। यह मामला देश के सबसे बड़े और चर्चित बैंकिंग घोटालों में शामिल माना जाता है। बैंकों की रकम डूबने के बाद से ही माल्या की भारत वापसी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
ललित मोदी और आईपीएल अनियमितताओं के आरोप
वहीं ललित मोदी पर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों ही पिछले कई वर्षों से ब्रिटेन में रह रहे हैं और भारतीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से दूर हैं, जिस पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई और प्रत्यर्पण में देरी
विजय माल्या के प्रत्यर्पण को ब्रिटेन की अदालतें पहले ही मंजूरी दे चुकी हैं, लेकिन बार-बार की जा रही कानूनी अपीलों के चलते प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है। हाल ही में ब्रिटिश अदालतों ने माल्या पर दबाव बढ़ाते हुए फरवरी 2026 तक भारत लौटने की योजना प्रस्तुत करने को कहा है, हालांकि उनकी वास्तविक वापसी को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
वीडियो से भड़का जनता का गुस्सा
इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर देश में उन मामलों को उजागर कर दिया है, जिनमें बड़े आर्थिक अपराधों के आरोपी सालों से विदेशों में आराम से रह रहे हैं। आम जनता के बीच यह सवाल फिर से उठने लगा है कि हजारों करोड़ रुपये के बकाया कर्ज की वसूली आखिर कब होगी और ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया इतनी लंबी क्यों होती है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूज़र्स इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि जिन पर देश के बैंकों का हजारों करोड़ रुपये बकाया है, वे विदेशों में बैठकर हंसी-मजाक कर रहे हैं, जबकि आम आदमी कानून की सख्ती झेलता है। कुछ यूज़र्स ने इसे प्रत्यर्पण व्यवस्था और कानूनी ढांचे की कमजोरी का उदाहरण बताया।
विशेषज्ञों की राय: सिस्टम पर उठते सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो केवल दो व्यक्तियों की बातचीत नहीं है, बल्कि यह उन लंबित अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाओं की हकीकत को सामने लाता है, जिनकी वजह से भारत को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। वर्षों से चल रहे कानूनी विवादों ने जनता के बीच निराशा और आक्रोश को और गहरा कर दिया है।
सिर्फ वीडियो नहीं, एक बड़ी बहस की शुरुआत
कुल मिलाकर, ललित मोदी और विजय माल्या का यह वायरल वीडियो केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक अपराधों, बकाया ऋणों की वसूली और भगोड़ों की वापसी जैसे गंभीर मुद्दों पर एक नई बहस छेड़ चुका है। अब देखना यह होगा कि इस बढ़ते जन आक्रोश का सरकार और न्यायिक व्यवस्था पर क्या असर पड़ता है।









