
पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब ‘Four Stars of Destiny’ को लेकर विवाद तेज हो गया है। इस पूरे मामले पर किताब की पब्लिशिंग कंपनी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की सफाई
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि जनरल एमएम नरवणे की यह किताब अब तक प्रकाशित नहीं हुई है और इसके सभी पब्लिशिंग राइट्स कंपनी के पास सुरक्षित हैं।
कंपनी के मुताबिक:
किताब की कोई भी छपी हुई कॉपी अब तक मौजूद नहीं है
न ही किताब की कोई आधिकारिक डिजिटल कॉपी जारी की गई है
कंपनी की ओर से किताब का कोई भी हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया
यह सफाई ऐसे समय आई है, जब सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइट्स पर किताब की अनअथॉराइज्ड कॉपी लीक होने और ऑनलाइन सर्कुलेशन के दावे किए जा रहे हैं।
वायरल हुई टाइपसेट PDF, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
दिल्ली पुलिस के अनुसार, किताब के प्रकाशन के लिए अभी तक संबंधित सरकारी विभागों से आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है।
जांच में सामने आया कि इसी टाइटल की एक PDF कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी। आशंका जताई जा रही है कि यह वही टाइपसेट कॉपी हो सकती है, जो पब्लिशिंग के दौरान तैयार की गई थी।
इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किताब का कवर इस तरह दिखाया गया, जैसे किताब खरीद के लिए उपलब्ध हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अप्रकाशित और बिना मंजूरी वाली किताब की सामग्री आखिर सार्वजनिक कैसे हुई।
🏛️ संसद तक पहुंचा मामला, राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा
इस विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया।
2–3 फरवरी को लोकसभा में राहुल गांधी ने दावा किया कि एक मैगजीन में छपे आर्टिकल में नरवणे की किताब के अंश हैं और वह उन्हें सदन में पढ़ना चाहते हैं। हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने इसकी अनुमति नहीं दी, जिसके बाद सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
इस हंगामे के बाद आठ सांसदों को सस्पेंड भी किया गया।
📖 ‘देखिए, यह रही किताब’ – राहुल गांधी का दावा
4 फरवरी को राहुल गांधी किताब की एक कॉपी लेकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री सदन में आएंगे तो वह यह किताब उन्हें सौंपेंगे।
राहुल ने किताब का एक पेज दिखाते हुए दावा किया कि उसमें लिखा है—
प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था: “जो उचित समझो, वह करो।”
राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार और रक्षा मंत्री किताब के अस्तित्व से इनकार कर रहे हैं, जबकि यह किताब मौजूद है।
उनके अनुसार, इस अनपब्लिश्ड किताब में 2020 की भारत-चीन झड़प और अग्निवीर योजना का रिव्यू शामिल है।
🪖 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे एमएम नरवणे
जनरल एमएम नरवणे 2019 से 2022 तक भारतीय सेना के प्रमुख रहे।
उन्होंने पिछले साल कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंगुइन पब्लिशर ग्रुप को सौंप दी है।
अब यह मामला पब्लिशर और सरकार के बीच फंसा हुआ है। किताब को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद अनुमति नहीं मिली है।









