
धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक संगीत का संगम तब होता है जब कीर्तन की है रात जैसे भजन हमारे हृदय को छूते हैं। यह भजन विशेष रूप से भगवान श्री श्याम / भगवान भोलेनाथ के अद्भुत रूप की स्तुति में गाया जाता है और भक्ति की गहराई को दिखाता है। इस पृष्ठ पर आप kirtan ki hai raat baba lyrics, kirtan ki hai raat bhajan lyrics, और kirtan ki hai raat hindi lyrics को पूरी श्रद्धा से पढ़ सकते हैं।
किर्तन की है रात – हिंदी लिरिक्स (Kirtan Ki Hai Raat Lyrics)
कीर्तन की है रात,
बाबा आज थाने आणो है,
थाने कोल निभानो है,
कीर्तन की है रात।।
दरबार साँवरिया, ऐसो सज्यो प्यारो,
दयालु आपको,
सेवा में साँवरिया, सगला खड़ा डीके,
हुकुम बस आपको।
कीर्तन की है तैयारी, कीर्तन करा जमकर,
प्रभु क्यूँ देर करो,
वादों थारो दाता, कीर्तन में आणे को,
घणी क्यूँ देर करो।
जो कुछ बन्यो म्हासु, अर्पण प्रभु सारो,
प्रभु स्वीकार करो,
नादान सू गलती, होती ही आई है,
प्रभु मत ध्यान धरो।
कीर्तन की है रात,
बाबा आज थाने आणो है,
थाने कोल निभानो है,
कीर्तन की है रात।
इस भजन को गाते समय भक्ति भाव से सरोकार रखिए — हर शब्द भगवान को समर्पित होता है।
भजन का भावार्थ और आध्यात्मिक महत्व
भक्ति संगीत का मूल उद्देश्य है मन और आत्मा को ईश्वर के प्रति उन्मुख करना।
kirtan ki hai raat lyrics में यह शुद्ध संदेश मिलता है कि आज की रात, यानी यह वह शुभ समय है जब भक्त अपने प्रभु से सीधा संवाद स्थापित करते हैं।
- भक्ति का पुकार: “बाबा आज थाने आणो है” – यह पंक्ति प्रभु से उनके दर्शन और कृपा की अपील करती है।
- सेवा और समर्पण: सेवा में खड़े भक्ति भाव काग़ज पर नहीं, बल्कि दिल से महसूस होता है।
- प्रभु की सन्तुष्टि: जो भक्ति से भरा है, अंततः वही जीवन में संतोष और शांति पाता है।
यह भजन केवल संगीत नहीं, बल्कि भक्त के मन की सबसे गहरी इच्छा और उम्मीद का आवाहन भी है – ईश्वर को अपनी भक्ति से आमंत्रित करना।
भक्ति का संदेश
“Kirtan ki raat bhajan lyrics” केवल एक गीत नहीं है — यह उस रात का उद्घोष है जब भक्त अपने सबसे प्यारे भगवान को अपने भजन, सेवा और प्रेम के साथ आमंत्रित करता है।
यह भजन बताता है कि भगवान की कृपा पाने के लिए सबसे बड़ा मार्ग है – समर्पण, भक्ति, और शुद्ध हृदय।
समापन:
आशा है कि यह kirtan ki hai raat hindi lyrics वाला ब्लॉग आपको आध्यात्मिक आनंद देगा, भजन के अर्थ को गहराई से समझने में मदद करेगा और आपके धार्मिक अनुभव को और अधिक सार्थक बनाएगा।
भक्ति में डूब जाइए, और हर रात को एक कीर्तन की रात बनाइए।
आप यह भी पढ़ सकते हैं- गरुड़ पुराण और तेरहवीं संस्कार, आत्मा की यात्रा और धार्मिक मान्यता









