
Karnataka government increases Rahul Gandhi’s trouble on EVM, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहां संसदीय चुनावों में एक अरब से अधिक नागरिक मतदान के पात्र हैं। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के बीच चुनाव प्रक्रिया का पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त होना बेहद जरूरी है। भारत में चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए कराए जाते हैं, लेकिन इसे लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, लगातार सवाल उठाते रहे हैं। राहुल गांधी ने कई बार ईवीएम में कथित “वोट चोरी” का आरोप लगाया है और इसके खिलाफ सार्वजनिक अभियान भी चलाया है। हालांकि, अब कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार की ओर से जारी एक सर्वे रिपोर्ट ने इस पूरे दावे को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
कर्नाटक सर्वे में EVM पर जनता का भरोसा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की सरकार के तहत कराए गए इस सर्वे में सामने आया है कि राज्य के 83.61 प्रतिशत नागरिक ईवीएम को सुरक्षित और भरोसेमंद मानते हैं। यह आंकड़ा राहुल गांधी के आरोपों के बिल्कुल विपरीत है। सर्वे के नतीजों के बाद बेंगलुरु से लेकर दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद तक राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
किसने और क्यों कराया यह सर्वे ?
यह सर्वे कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर कराया गया। रिपोर्ट को कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी ने प्रकाशित किया, जो राज्य के योजना, कार्यक्रम निगरानी और सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत आती है। इसका उद्देश्य 2024 लोकसभा चुनाव के बाद मतदाताओं के ज्ञान, सोच और व्यवहार (KAP) को समझना था।
सर्वे का दायरा और आंकड़े
कुल 5,100 लोगों से बातचीत
102 विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया
बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु संभाग शामिल
चुनाव प्रक्रिया पर जनता की राय
84.55% लोगों ने माना कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं
सबसे ज्यादा भरोसा कलबुर्गी संभाग में देखा गया
95.75% लोगों ने 2024 लोकसभा चुनाव में वोट डालने की पुष्टि की
EVM पर भरोसा पहले से बढ़ा
2023 में EVM पर भरोसा: 77.9%
2024 सर्वे में बढ़कर: 83.61%
यह साफ संकेत देता है कि समय के साथ ईवीएम पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
वोट प्रभावित करने की कोशिशों पर चिंता
हालांकि सर्वे में यह भी सामने आया कि
16.3% लोगों ने वोट प्रभावित करने की कोशिश होने की बात कही
सबसे आम तरीका: सरकारी योजनाओं का लालच (42.26%)
इसके बाद नौकरी का वादा
BJP का कांग्रेस पर हमला
सर्वे रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेता एन. रामचंदर राव ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि EVM से छेड़छाड़ संभव नहीं है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, वह EVM और चुनाव आयोग को दोष देती है।
‘EVM पर लगे सभी आरोप खारिज’
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि कर्नाटक सरकार का यह सर्वे अपने आप में सभी आरोपों को खारिज करता है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने सवाल उठाया कि अगर EVM में गड़बड़ी होती, तो क्या कांग्रेस कर्नाटक में सत्ता में होती?
चुनाव आयोग का स्पष्ट रुख
चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पहले ही कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि EVM पूरी तरह सुरक्षित हैं। आयोग के अनुसार, मशीनों की कई स्तरों पर जांच होती है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहती है।
आगे क्या?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों से पहले ईवीएम को लेकर बयानबाजी और तेज हो सकती है। लेकिन कर्नाटक सर्वे जैसे आंकड़े बताते हैं कि जमीनी स्तर पर मतदाताओं का भरोसा अब भी मजबूत है। कुल मिलाकर, EVM पर जारी बहस केवल तकनीक की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विश्वास और राजनीतिक जवाबदेही की भी परीक्षा है—और इस परीक्षा में जनता की राय सबसे अहम साबित हो रही है।









