
देशभर के लाखों छात्रों का इंतज़ार आखिरकार खत्म हो गया है। इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह और घबराहट दोनों देखने को मिल रही है। अगर आपने भी इस साल संयुक्त प्रवेश परीक्षा में भाग लिया था, तो अब सबसे बड़ा सवाल यही है — आपकी रैंक क्या कहती है? क्या आप NIT, IIIT या GFTI जैसे टॉप संस्थानों में दाखिला ले पाएंगे?
परिणाम जारी होने के बाद सिर्फ स्कोर देखना ही काफी नहीं है, बल्कि यह समझना ज्यादा जरूरी है कि आपके स्कोर का मतलब क्या है और आगे की प्रवेश प्रक्रिया में इसका क्या रोल रहेगा।
किसने जारी किया परिणाम?
इस वर्ष की परीक्षा का आयोजन देश की प्रमुख परीक्षा एजेंसी National Testing Agency द्वारा किया गया था। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा को कई शिफ्ट्स में आयोजित किया गया, ताकि देशभर के छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं। इसके लिए एप्लिकेशन नंबर और जन्मतिथि की आवश्यकता होगी।
स्कोर के साथ समझें रैंक का गणित
रिजल्ट जारी होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा ऑल इंडिया रैंक (AIR) और पर्सेंटाइल स्कोर को लेकर होती है। ध्यान रखें:
- पर्सेंटाइल स्कोर का मतलब है कि आपने कितने प्रतिशत छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
- AIR के आधार पर ही आपको कॉलेज आवंटित किया जाएगा।
- अलग-अलग कैटेगरी के लिए कटऑफ भी अलग होती है।
इस साल की संभावित कटऑफ
परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस बार सामान्य वर्ग के लिए कटऑफ 88 से 92 पर्सेंटाइल के बीच रह सकती है। हालांकि अंतिम कटऑफ काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट होगी।
आरक्षित वर्गों के लिए संभावित कटऑफ:
| कैटेगरी | संभावित कटऑफ |
| OBC | 70-75 |
| SC | 50-55 |
| ST | 40-45 |
| EWS | 75-80 |
अब आगे क्या? काउंसलिंग प्रक्रिया समझें
रिजल्ट के बाद अगला कदम है काउंसलिंग, जो कि Joint Seat Allocation Authority (JoSAA) द्वारा आयोजित की जाती है।
काउंसलिंग के मुख्य चरण:
- रजिस्ट्रेशन
- चॉइस फिलिंग
- सीट अलॉटमेंट
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
- रिपोर्टिंग टू कॉलेज
इस प्रक्रिया के माध्यम से आपको देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे:
- National Institutes of Technology
- Indian Institutes of Information Technology
- Government Funded Technical Institutes
में प्रवेश का मौका मिल सकता है।
किन बातों का रखें ध्यान?
- स्कोरकार्ड डाउनलोड करके सुरक्षित रखें
- काउंसलिंग की तिथियों पर नजर बनाए रखें
- चॉइस फिलिंग सोच-समझकर करें
- पिछले वर्षों के कटऑफ का विश्लेषण जरूर करें










