
मिडिल ईस्ट की जंग हर घंटे नया मोड़ ले रही है। इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है—ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह चोट इजराइली हमलों के दौरान लगी। खास बात यह है कि उन्हें अभी-अभी ईरान का सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था। इससे पहले उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की भी युद्ध के दौरान मौत हो चुकी है। अब सवाल उठ रहा है—क्या इजराइल नए ईरानी नेतृत्व को भी खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहा है?
इजराइली हमले में घायल होने का दावा
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोजतबा खामेनेई मौजूदा युद्ध के दौरान घायल हुए हैं। ईरान के सरकारी टीवी ने उन्हें “जानबाज” बताया है, जिसका मतलब होता है कि वे दुश्मन के हमले में घायल हुए हैं। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं किया गया कि उन्हें किस हमले में चोट लगी।
युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। इसी बीच बीती रात उन्हें ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया गया।
जंग शुरू होने के बाद सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे
मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक मंचों पर दिखाई नहीं दिए हैं। इसी बीच बीती रात उन्हें ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया गया।
उनकी ताजपोशी ऐसे समय में हुई है जब देश युद्ध के सबसे गंभीर दौर से गुजर रहा है।
पिता अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता परिवर्तन
दरअसल 28 फरवरी को तेहरान में हुए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत हो गई थी। यह हमला अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई बताया गया।
अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। उससे पहले वे 1981 से 1989 तक देश के राष्ट्रपति भी रह चुके थे।
इस्लामिक क्रांति के बाद बने शक्तिशाली नेता
1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान की राजनीतिक व्यवस्था पूरी तरह बदल गई थी। इस क्रांति का नेतृत्व Ruhollah Khomeini ने किया था।
क्रांति के बाद देश में सुप्रीम लीडर का पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है। अली खामेनेई को 1989 में खुमैनी की मौत के बाद इस पद पर नियुक्त किया गया था।
ईरान के कानून के अनुसार सुप्रीम लीडर बनने के लिए “अयातुल्ला” की धार्मिक उपाधि होना जरूरी होता है।
नया नेता चुनने पर इजराइल की धमकी
अली खामेनेई की मौत के बाद इजराइल और अमेरिका की तरफ से सख्त चेतावनी दी गई थी। कहा गया था कि अगर ईरान बिना उनकी अनुमति के नया सर्वोच्च नेता चुनता है तो उसे भी निशाना बनाया जाएगा।
इजराइल ने यह भी कहा था कि जो भी नया नेता बनेगा, उसे दुनिया में कहीं भी छिपा होने पर ढूंढकर खत्म किया जा सकता है।
चीन ने ईरान के फैसले का समर्थन किया
इस घटनाक्रम पर चीन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान में नया सर्वोच्च नेता चुनना पूरी तरह उसका आंतरिक मामला है।
चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने कहा कि किसी भी बाहरी देश को ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में दखल देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
युद्ध में भारी जनहानि
ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री Ali Jafarian के अनुसार पिछले नौ दिनों में इस युद्ध में 1,255 लोगों की मौत हो चुकी है।
इसके अलावा 12,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मृतकों की उम्र 8 महीने से 88 साल के बीच बताई गई है।
मृतकों में लगभग 200 महिलाएं भी शामिल हैं। एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में 168 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है।
इसके अलावा 55 स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए हैं जबकि 11 की मौत हो चुकी है।
बहरीन की तेल कंपनी ने हाथ खड़े किए
बहरीन की सरकारी तेल कंपनी Bapco Energies ने अपनी गतिविधियों पर “फोर्स मेज्योर” घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि अगर युद्ध के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित होती है तो कंपनी इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगी।
यह फैसला तब लिया गया जब देश की मुख्य तेल रिफाइनरी के आसपास घना धुआं उठता देखा गया।
न्यूयॉर्क में युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन
अमेरिका के New York City में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर ईरान पर हो रहे हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल से तुरंत युद्ध रोकने की मांग की।
तुर्किये ने बढ़ाई सैन्य तैनाती
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए Turkey ने उत्तरी साइप्रस में 6 F‑16 Fighting Falcon फाइटर जेट तैनात किए हैं।
तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
ईरान की सख्त चेतावनी
ईरान ने विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि अगर वे दुश्मन देशों की मदद करते पाए गए तो उनकी संपत्ति जब्त की जा सकती है।
सरकारी मीडिया के मुताबिक यह कार्रवाई जासूसी और देशद्रोह से जुड़े कानूनों के तहत की जाएगी।
बहरीन में सुरक्षा अलर्ट
बढ़ते खतरे के बीच बहरीन सरकार ने देश में सायरन बजाकर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
सरकार ने कहा है कि नागरिक शांत रहें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
दुबई से इजराइली नागरिकों का रेस्क्यू
युद्ध के कारण फंसे लोगों को निकालने का अभियान भी तेज हो गया है। दुबई से करीब 330 इजराइली नागरिकों को लेकर एक विशेष विमान Ben Gurion Airport पहुंच चुका है।
इजराइल की एयरस्ट्राइक
इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
इन हमलों में Islamic Revolutionary Guard Corps के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
भारत का बयान
भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने संसद में कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है।
उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 67 हजार भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर
युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज में यह कीमत बढ़कर लगभग 108 डॉलर तक पहुंच गई, जो पिछले साढ़े तीन साल का सबसे ऊंचा स्तर है।
एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट
मिडिल ईस्ट के तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखा है। जापान का Nikkei 225 सूचकांक लगभग 7% गिर गया।
दक्षिण कोरिया का KOSPI सूचकांक भी करीब 8% नीचे चला गया।









