
iran protests news latest today, ईरान में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और सरकार और मंहगाई के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन 13वें दिन में प्रवेश कर गया है । ईरान में सरकार विरोधी व्यापक रूप लेता जा रहा है । 8 जनवरी की रात ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों ने नया उग्र रूप ले लिया। अब तक 44 प्रदर्शकारियों की मौत हो चुकी है। एक पुलिसकर्मी भी लोगों के गुस्से का शिकार हो गया है । सरकार ने Nationwide Internet Shutdown कर दिया है । सरकार ने प्रतीकों यह आंदोलन आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोज़गारी और राजनीतिक दमन के खिलाफ जनता के गुस्से को दिखाता है। कड़ी सुरक्षा और इंटरनेट बंद होने के बावजूद, बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतरे।
प्रतीकों पर हमला, सरकार को खुली चुनौती
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के Qaitarieh इलाके में प्रदर्शनकारियों ने क़ासिम सुलेमानी और अन्य IRGC कमांडरों की तस्वीरों वाले बैनरों में आग लगा दी। कुछ वीडियो और फुटेज में सरकारी इमारतों और सुरक्षा वाहनों पर हमले के दावे भी सामने आए हैं, हालांकि इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।

पश्चिमी ईरान के लुमार (Lumar) हिंसा ज्यादा भड़क उठी । प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों का विरोध किया । सरकारी इमारतों को आग लगाने की खबर भी है । मुल्ला शासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। वहीं दूसरी ओर करमानशाह (Kermanshah) में गोलीबारी की रिपोर्ट्स के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा । प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर बैरिकेड लगाकर रोड ब्लाक कर दिए
खुलकर शासन-विरोधी नारे
Bastak County में रात के समय सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई । रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोगों ने सड़कों पर आग लगाकर सुरक्षा बलों की आवाजाही रोकने की कोशिश की। लोग “तानाशाही मुर्दाबाद — चाहे वह शाह हो या सर्वोच्च नेता” जैसे नारे लगा रहे थे । यह नारे इस बात को दर्शाते हैं कि प्रदर्शनकारी न केवल मौजूदा शासन बल्कि Pahlavi monarchy की वापसी को भी पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहे।
देशभर में फैलता आंदोलन
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शन अब ईरान के 31 प्रांतों तक फैल चुके हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
तेहरान
मशहद (Mashhad)
शिराज़ (Shiraz)
रश्त (Rasht)
तब्रीज़ (Tabriz)
मशहद, जो ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, वहां प्रदर्शनकारियों द्वारा Vakilabad Highway पर कब्ज़ा करने की खबरें आई हैं।
IRGC और Basij से टकराव की रिपोर्ट
तेहरान के Sattar Khan Bridge पर प्रदर्शनकारियों द्वारा IRGC Basij वाहनों को आग लगाए जाने की रिपोर्ट्स सामने आई हैं।
इन वाहनों को कथित तौर पर प्रदर्शनों को दबाने के लिए तैनात किया गया था।
ध्यान दें इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि इंटरनेट बंद होने के कारण सीमित है।
मौतें और गिरफ्तारियां: क्या कहते हैं आंकड़े?
मानवाधिकार समूहों और विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
कम से कम 45 लोगों की मौत
2,200 से अधिक लोग हिरासत में
कुछ इलाकों में पुलिसकर्मियों की मौत की भी अलग-अलग रिपोर्ट्स (गोलीबारी / चाकूबाजी) NCRI (National Council of Resistance of Iran) ने दावा किया है कि उसने 44 मृत प्रदर्शनकारियों के नाम जारी किए हैं।
Nationwide Internet Shutdown
सरकार ने प्रदर्शन शुरू होने के बाद पहली बार Nationwide Internet Shutdown लागू किया। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks ने लगभग पूर्ण डिजिटल ब्लैकआउट की पुष्टि की है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकर ने यह कदम सूचनाओं के फैलने को रोकने के लिए उठाया है । क्योंकि सरकार प्रदर्शनकारियों को एकजुट नहीं होने देना चाहती है — जैसा कि ईरान पहले भी कर चुका है।
प्रदर्शनकारियों की हत्या अमेरिका की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही तो “बहुत कड़ी प्रतिक्रिया” दी जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।
क्यों अहम है यह आंदोलन?
यह विद्रोह सिर्फ सड़कों पर उतरने का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है:
गहरा Economic Crisis
जनता का Political System से मोहभंग
शासन पर बढ़ता International Pressure
ईरान इस समय अपने सबसे गंभीर गृह संकटों में से एक का सामना कर रहा है। इंटरनेट बंद, बढ़ती मौतें और देशभर में फैलते प्रदर्शन — ये सभी संकेत देते हैं कि हालात फिलहाल शांत होने वाले नहीं हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन ईरान की राजनीति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा असर डाल सकता है।









