
मतदाता दिवस और लोकतंत्र की ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2026 का पहला ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को लोकतंत्र, नवाचार, पर्यावरण और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने याद दिलाया कि कल 26 जनवरी को हम ‘गणतंत्र दिवस’ मनाएंगे, वही दिन जब हमारा संविधान लागू हुआ था। इसके एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को ‘National Voters’ Day’ मनाया जाता है, जो यह याद दिलाता है कि मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा हैं। पीएम मोदी ने युवाओं से आग्रह किया कि जब कोई 18 वर्ष का हो जाए, तो voter के रूप में खुद को पंजीकृत करें और इसे जीवन का एक महत्वपूर्ण milestone मानें। उन्होंने कहा कि जैसे हम जन्मदिन को उत्सव के रूप में मनाते हैं, वैसे ही पहले बार मतदाता बनने पर पूरा मोहल्ला, गाँव या शहर मिलकर अभिनंदन करे। इससे मतदाताओं में जागरूकता बढ़ेगी और लोकतंत्र और मजबूत होगा।
स्टार्टअप इंडिया: नवाचार और युवा शक्ति
प्रधानमंत्री ने 2016 में शुरू हुई ‘स्टार्टअप इंडिया’ की यात्रा को याद करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने बताया कि आज भारतीय स्टार्टअप्स ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में दस साल पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, जैसे AI, Space, Nuclear Energy, Semi Conductors, Mobility, Green Hydrogen और Biotechnology। पीएम मोदी ने इन युवा नवाचारियों को सलाम करते हुए कहा कि उन्होंने देश के भविष्य की नींव रखी है और भारतीय नवाचार का नाम दुनिया में उजागर किया है। उन्होंने उद्योग और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से quality पर जोर देने का भी आग्रह किया, और कहा कि ‘Zero defect – Zero effect’ का संकल्प लेकर हर भारतीय उत्पाद को top-quality बनाना चाहिए।
जन-भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण
प्रधानमंत्री ने देशभर में जन-भागीदारी से हुए पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनरुद्धार का उदाहरण दिया, जहां लोगों ने नदी की सफाई और किनारों पर पेड़ लगाकर इसे नया जीवन दिया। इसी तरह, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जलाशयों को साफ कर पानी की समस्या को दूर किया गया और 7000 से अधिक पेड़ लगाए गए, जिससे वहां का पूरी तरह से ecosystem सुधरा। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि समाज में जिम्मेदारी और सामूहिकता की भावना को भी मजबूत करते हैं।
भजन क्लबिंग और सांस्कृतिक नवाचार
प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति और भक्ति पर जोर देते हुए कहा कि भजन और कीर्तन सदियों से हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा रहे हैं। आज की युवा पीढ़ी ने इसे नए रूप में अपनाया है, जिसे सोशल मीडिया पर “भजन क्लबिंग” के नाम से देखा जा सकता है। इसमें युवा मंच, रोशनी, संगीत और आधुनिक प्रस्तुति के साथ भजन की गूंज को पूरे लगन और तन्मयता के साथ प्रस्तुत करते हैं। पीएम मोदी ने इस चलन की सराहना करते हुए कहा कि इससे भक्ति की गरिमा बनी रहती है और युवाओं में अध्यात्म के प्रति जुड़ाव बढ़ता है।
भारतवंशियों और वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव
प्रधानमंत्री ने मलेशिया में बसे भारतीय प्रवासियों की सराहना की, जिन्होंने वहां 500 से अधिक तमिल स्कूलों के माध्यम से अपनी भाषा और संस्कृति को संरक्षित किया। उन्होंने Malaysia India Heritage Society के heritage walks और cultural कार्यक्रमों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये पहल भारत और मलेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करती हैं। पीएम मोदी ने प्रवासियों की इस प्रतिबद्धता को प्रेरक बताते हुए उनके लिए शुभकामनाएं दी।
सामूहिक प्रयास और समाज सेवा के उदाहरण
प्रधानमंत्री ने देश में सामूहिक प्रयासों और समाज सेवा की मिसालें साझा कीं। गुजरात के बेचराजी के चंदनकी गाँव की कम्युनिटी किचन, अनंतनाग के शेखगुंड गाँव में ड्रग्स विरोधी जागरूकता, और पश्चिम बंगाल के फरीदपुर का विवेकानंद लोक शिक्षा निकेतन – ये सभी पहल समाज में सेवा, एकजुटता और जिम्मेदारी की मिसाल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे प्रयासों से समाज में पारिवारिक भावना और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
स्वच्छता और पर्यावरण में युवा भागीदारी
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी पर गर्व जताया। अरुणाचल प्रदेश के युवाओं ने सार्वजनिक स्थलों की सफाई में मिलकर 11 लाख किलो से अधिक कचरा हटाया। असम, बेंगलुरु और चेन्नई में भी स्थानीय समुदाय और professionals मिलकर recycling और waste management के प्रभावी प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा, कूच बिहार में बेनॉय दास जी और मध्य प्रदेश के जगदीश प्रसाद अहिरवार जी जैसी पहलें प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय पौधों के संरक्षण में योगदान दे रही हैं।
Millets और कृषि नवाचार
प्रधानमंत्री ने Millets यानी श्रीअन्न के महत्व पर भी प्रकाश डाला। तमिलनाडु और राजस्थान के किसान समूहों ने Millets के उत्पादन, processing और ready-to-eat उत्पादों के निर्माण में नवाचार किया है। पीएम मोदी ने कहा कि श्रीअन्न न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने मंदिरों में Millets के प्रसाद उपयोग करने वाले व्यवस्थापकों की सराहना की और पूरे देश में Millets को बढ़ावा देने का आह्वान किया।









