
इंडिगो की लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन से हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। भारतीय एविएशन मार्केट में 60% हिस्सेदारी होने के बावजूद सिर्फ इंडिगो की सेवाओं में ही इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। सरकार ने अब Indigo पर एक्शन लेने का संकेत दे दिया है।
नागरिक उड्डयन मंत्री केआर मोहन नायडू ने कहा कि यह समस्या सरकार की किसी गलती से नहीं बल्कि इंडिगो की अपनी ऑपरेशनल लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
indigo par action अब क्यों?
सरकार ने साफ कर दिया है कि यह जांच जारी है कि समस्या केवल IndiGo में ही क्यों आई, जबकि बाकी एयरलाइंस सामान्य तरीके से उड़ान संचालित कर रही हैं।
मंत्री केआर मोहन नायडू ने कहा “Indigo अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पाई है और अब सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। उड़ानों की संख्या कम की जा रही है ताकि स्थिति सामान्य हो सके।”
सरकार ने यह भी कहा है कि जांच पूरी होने के बाद लिया गया कदम एक मिसाल बनेगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो।
यात्रियों को रिफंड और सेवा बहाली
2 दिसंबर से अब तक 7,30,655 यात्रियों को 745.7 करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया है।
यदि यात्री 15 दिसंबर तक दोबारा टिकट बुक करते हैं, तो उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
9,000 में से 6,000 बैग यात्रियों को वापस किए जा चुके हैं, और बाकी अगले 24 घंटे में लौटाए जाएंगे।
सरकार पहले से थी संपर्क में
सरकार का कहना है कि वह लगातार इंडिगो के संपर्क में थी और 1 नवंबर को हुई बैठक में नए पायलट ड्यूटी नियमों से जुड़ी सभी शंकाओं के जवाब एयरलाइन को दे दिए गए थे। इसके बावजूद, इंडिगो अपना रोस्टर और प्लानिंग संभालने में नाकाम रही।
निष्कर्ष,indigo par action
इंडिगो की उड़ानों में हुई अव्यवस्था अब सरकार के रडार पर है। जल्द ही indigo par actionहो सकता है और यह कदम भारत के एविएशन सेक्टर में एक महत्वपूर्ण संदेश छोड़ सकता है।









