
Indigo flight crisis still continues, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले एक हफ्ते से अपने सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट का सामना कर रही है। सोमवार को भी हालात सामान्य नहीं हुए और देशभर के अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर 450 से अधिक Indigo flight कैंसिल कर दी गईं। सरकार ने एयरलाइन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह जल्द से जल्द अपना ऑपरेशन ठीक करे और यात्रियों को राहत दे, क्योंकि भारत में पहले कभी ऐसा संकट नहीं देखा गया है।
किन-किन एयरपोर्ट्स पर सबसे ज़्यादा असर?
सूत्रों के मुताबिक, सुबह 10:30 बजे तक 456 फ्लाइट्स रद्द होने की पुष्टि हुई। इनमें प्रमुख एयरपोर्ट्स के आंकड़े इस प्रकार हैं:
दिल्ली – 134 (75 डिपार्चर, 59 अराइवल)
बेंगलुरु – 127
हैदराबाद – 77
चेन्नई – 71
जम्मू – 20
अहमदाबाद – 20
विशाखापत्तनम – 7
इसके अलावा मुंबई, कोलकाता और अन्य बड़े हवाई अड्डों पर भी यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
610 करोड़ रुपये का टिकट रिफंड
इंडिगो ने पिछले 3 दिनों में हजारों यात्रियों को प्रभावित किया है। शुक्रवार को 1000+ फ्लाइट्स रद्द हुईं, रविवार को 650+ और सोमवार को 456 फ्लाइट्स कैंसिल की गईं। कंपनी के अनुसार अब तक 610 करोड़ रुपये से अधिक टिकट रिफंड किए जा चुके हैं।
Indigo flight संकट क्यों आया ?
इंडिगो का कहना है कि इस ऑपरेशनल व्यवधान की वजह FDTL (Flight Duty Time Limitation) नए नियम और पायलटों की कमी है। सरकार द्वारा लागू किए गए नए FDTL नॉर्म्स के कारण कई पायलट निर्धारित समय से अधिक उड़ान नहीं भर सकते, जिसके चलते फ्लाइट्स लगातार ग्राउंड हो रही हैं।
हालांकि स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर सरकार ने इस नियम को अस्थायी रूप से रोक दिया है और उम्मीद की जा रही है कि 10 दिसंबर तक ऑपरेशन नॉर्मल हो सकता है।
पायलट एसोसिएशन क्या कह रही है?
एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट साग्निक बनर्जी ने कहा कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि एयरलाइंस मुनाफे को प्राथमिकता देती हैं जबकि पायलटों की सुरक्षा और आराम को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके अनुसार FDTL नॉर्म्स उड़ानों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं और उन्हें हटाना जोखिमपूर्ण है।
सरकार के हस्तक्षेप और कदम
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें टिकट रिफंड प्रक्रिया तेज करने, हवाई किराए पर सीमा तय करने, हाई-लेवल जांच शुरू करने और एयरलाइन को Indigo flight ऑपरेशन बहाल करने के निर्देश शामिल हैं। मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि नियम एक साल पहले जारी किए गए थे और इसकी पूरी जिम्मेदारी इंडिगो की है।
Indigo flight संकट भारत की एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। यात्रियों की परेशानी, पायलटों की कमी और ऑपरेशनल प्रेशर ने देश में सबसे बड़े हवाई नेटवर्क को कमजोर कर दिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या 10 दिसंबर तक स्थिति सामान्य हो पाएगी या संकट और गहराएगा।
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