
India signs 19 agreements in Germany, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद भारत सरकार वैश्विक स्तर पर अपने रणनीतिक और व्यापारिक रिश्तों को मज़बूत करने में जुटी है। इसी कड़ी में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत के दो दिवसीय दौरे पर आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में उनका स्वागत किया। इस दौरान भारत और जर्मनी के बीच 19 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और 27 प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी।
रक्षा, व्यापार और तकनीक में सहयोग बढ़ेगा
भारत और जर्मनी ने रक्षा, व्यापार और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने का फैसला किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त घोषणा की गई। पीएम मोदी ने कहा कि इससे डिफेंस सेक्टर में सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर खुलेंगे।
भारतीय पासपोर्ट धारकों को बड़ी राहत
इस बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को जर्मनी से होकर यात्रा करने के लिए ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी। यह फैसला लोगों के बीच संपर्क को और आसान बनाएगा।
सेमीकंडक्टर, AI और महत्वपूर्ण खनिजों पर फोकस
भारत और जर्मनी ने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और महत्वपूर्ण खनिजों (जैसे लिथियम और कोबाल्ट) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। ये खनिज बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी के लिए बेहद अहम हैं।
हरित विकास और निवेश में नई गति
ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप (GSDP) के तहत 1.24 बिलियन यूरो की नई फंडिंग का ऐलान किया गया। यह फंडिंग रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-बस सेवाओं और जलवायु-सक्षम शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करेगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और स्किल डेवलपमेंट में समझौते
दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की निष्पक्ष भर्ती, आयुर्वेद, स्किल ट्रेनिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में प्रशिक्षण को लेकर कई एमओयू और संयुक्त आशय घोषणाएं की गईं। हैदराबाद में रिन्यूएबल एनर्जी स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर भी सहमति बनी। भारत और जर्मनी ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर द्विपक्षीय संवाद प्रणाली और ट्रैक 1.5 विदेश नीति व सुरक्षा वार्ता की शुरुआत करने का फैसला किया।
पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है। रक्षा व्यापार की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मैं जर्मन चांसलर का आभार व्यक्त करता हूं।”यह दौरा भारत और जर्मनी के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। दोनों देश अब रक्षा, तकनीक, हरित ऊर्जा और वैश्विक विकास में मिलकर आगे बढ़ेंगे।










