
Hearing in the High Court on January 6 Deaths due to contaminated water, इस मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया को इंदौर से हटा दिया गया है और इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।
सरकार की रिपोर्ट बनाम जमीनी हकीकत
मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की है, जिसमें दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतों की बात कही गई है। हालांकि, मृतकों के परिजन और अस्पतालों के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो चुकी है। सभी मरीजों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतकों में 5 महीने का मासूम बच्चा और बुजुर्ग लोग भी शामिल हैं।
हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 6 जनवरी
इस मामले में दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 6 जनवरी तय की है। इंटरविनर गोविंद सिंह बैस की ओर से मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इंदौर दूषित पानी मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए दो सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है।
राहुल गांधी का हमला: “पानी नहीं, जहर बंटा”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा—
“इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान।”
उन्होंने सवाल उठाए—
गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतों पर सुनवाई क्यों नहीं हुई?
सीवर का पानी पीने की सप्लाई में कैसे मिला?
समय रहते पानी की सप्लाई बंद क्यों नहीं की गई?
जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
राहुल गांधी ने कहा कि साफ पानी कोई अहसान नहीं, बल्कि जीवन का अधिकार है, और इस अधिकार के हनन के लिए BJP का डबल इंजन शासन पूरी तरह जिम्मेदार है।
खरगे का आरोप: “मोदी जी मौतों पर मौन”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा— “जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाले नरेंद्र मोदी जी, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर मौन हैं।” उन्होंने कहा कि लगातार आठ बार सबसे स्वच्छ शहर चुने गए इंदौर में लोगों को साफ पानी तक न मिलना भाजपा सरकार की विफलता है। खरगे ने आरोप लगाया कि 11 साल से सिर्फ भाषण और खोखले दावे किए गए, जबकि आम जनता आज भी साफ पानी और हवा के लिए तरस रही है।
उमा भारती बोलीं: “पूरी व्यवस्था शर्मिंदा”
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने X (ट्विटर) पर लिखा—
“2025 के अंत में इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई मौतों ने प्रदेश, सरकार और पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा कर दिया है।” उन्होंने कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं हो सकती, पीड़ित परिवारों से माफी मांगी जानी चाहिए और नीचे से ऊपर तक दोषियों को अधिकतम सजा मिलनी चाहिए। उमा भारती ने इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी बताया।









