
देश में सोने और चांदी की कीमतें लगातार चौथे दिन नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 29 जनवरी को 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 11,486 रुपये बढ़कर 1,76,121 रुपये हो गया। यानी सिर्फ तीन दिनों में सोना 21,811 रुपये महंगा हो चुका है। 23 जनवरी को इसकी कीमत 1,54,310 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।
वहीं चांदी की कीमत भी तेज़ी से बढ़ी है। एक किलो चांदी का भाव 27,666 रुपये बढ़कर 3,85,933 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। तीन दिन में चांदी 68,228 रुपये महंगी हुई है। इस साल के सिर्फ 29 दिनों में ही चांदी 1.55 लाख रुपये और सोना लगभग 43 हजार रुपये महंगा हो चुका है।
अलग-अलग शहरों में रेट अलग क्यों?
IBJA द्वारा जारी कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण अलग-अलग शहरों में सोने के रेट अलग दिखाई देते हैं। इन दरों का उपयोग RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंक गोल्ड लोन की दरें तय करने में करते हैं।
जनवरी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1,76,121 रुपये हो गया। यानी जनवरी में ही 42,926 रुपये की बढ़ोतरी हुई।
इसी तरह चांदी 2,30,420 रुपये से बढ़कर 3,85,933 रुपये प्रति किलो पहुंच गई, यानी 1,55,513 रुपये की बढ़ोतरी।
सोने की कीमत बढ़ने के मुख्य कारण
वैश्विक तनाव और ट्रेड वॉर का डर – अंतरराष्ट्रीय विवाद और टैरिफ की आशंकाओं से निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोना खरीद रहे हैं। रुपये की कमजोरी – डॉलर के मुकाबले रुपये की रिकॉर्ड गिरावट से भारत में सोना आयात करना महंगा हो गया है। सेंट्रल बैंकों की खरीदारी – दुनिया के कई देश अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं, जिससे मांग बढ़ी और कीमत ऊपर गई।
चांदी की कीमत बढ़ने के कारण
सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV इंडस्ट्री में बढ़ती मांग
टैरिफ के डर से कंपनियों द्वारा स्टॉक जमा करना
उत्पादन रुकने की आशंका के कारण पहले से खरीदारी बढ़ना
आगे कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक तनाव बढ़ता रहा तो 2026 में सोना 1,90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
सोना खरीदते समय ध्यान रखें
हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही खरीदें।
खरीद से पहले अलग-अलग स्रोतों से कीमत की पुष्टि जरूर करें।
असली चांदी पहचानने के आसान तरीके
चुंबक से न चिपके तो असली हो सकती है।
बर्फ रखने पर जल्दी पिघले तो शुद्धता अधिक है।
असली चांदी में कोई गंध नहीं होती।
सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आ सकता है।









