
कर्नाटक में हम्पी के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। गंगावती स्थित जिला सत्र न्यायालय ने सोमवार, 16 फरवरी 2026 को तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाकर भारतीय न्याय प्रणाली में ‘त्वरित न्याय’ की मिसाल पेश की है।
वारदात का पूरा घटनाक्रम
यह घटना 6 मार्च 2025 की रात की है। हम्पी, जो अपने ऐतिहासिक स्मारकों और तुंगभद्रा नदी के किनारे के नजारों के लिए जाना जाता है, वहां पर्यटन के लिए आए चार दोस्तों की रात डरावनी बन गई।
- इस रात इजराइल की एक युवती, अमेरिका का डैनियल, नासिक का पंकज और ओडिशा का बिबास हम्पी घूमने आए थे।
- वे अंबिका नाइक के होमस्टे में ठहरे हुए थे।
- रात के समय वे तुंगभद्रा नदी के पास रंगपुरा गंगम्मा मंदिर के पास एक छोटा सा संगीत कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे, जिसमें होटल की संचालिका भी मौजूद थीं।
इसी दौरान तीन आरोपियों – मल्लेश उर्फ हांडी मल्लेश, चैतन्य साई और शरणप्पा – ने घटना को अंजाम दिया।
आरोपियों का कृत्य
- आरोपियों ने शुरुआत पेट्रोल लेने के बहाने 100 रुपये मांगकर की।
- जब पर्यटकों ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने हमले की योजना शुरू कर दी।
- उन्होंने पंकज, डैनियल और बिबास पर हमला किया और उन्हें तुंगभद्रा नदी में धकेल दिया।
- इसके बाद उन्होंने न केवल विदेशी युवती बल्कि होटल संचालिका के साथ भी सामूहिक दुष्कर्म किया और उनका सामान लूट लिया।
- पंकज और डैनियल तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन बिबास पानी के तेज बहाव में बह गया और उसकी मौत हो गई।
अदालत की प्रक्रिया और फैसला
- जिला सत्र न्यायालय ने 6 फरवरी 2026 को दोषियों को दोषी करार दिया।
- सोमवार को न्यायाधीश सदानंद नागप्पा नायक ने तीनों को ‘दुर्लभ से दुर्लभ (Rarest of Rare)’ अपराध करार देते हुए मृत्यु दंड सुनाया।
- अदालत ने कहा कि यह केवल अपराध नहीं, बल्कि देश की छवि पर हमला है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अदालत के फैसले को त्वरित न्याय का उदाहरण माना जा रहा है, क्योंकि पूरी कानूनी प्रक्रिया महज 11 महीनों में पूरी हुई।
निष्कर्ष
यह मामला हमें याद दिलाता है कि ऐसे क्रूर अपराध न केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करते हैं, बल्कि देश की कानून व्यवस्था और पर्यटन छवि पर भी असर डालते हैं। अदालत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।










