
French President Emmanuel Macron also became a fan of India’s digital model. राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की डिजिटल क्रांति की खुलकर प्रशंसा की। अपने संबोधन में उन्होंने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी प्रगति को दुनिया के लिए उदाहरण बताया।
भारत का डिजिटल पेमेंट मॉडल दुनिया के लिए मिसाल
मैक्रों ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) सिस्टम की तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने ऐसा पेमेंट सिस्टम विकसित किया है, जो हर महीने करीब 20 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान प्रणाली तैयार कर एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है, जो दुनिया के किसी अन्य देश ने नहीं किया।
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हेल्थ आईडी की सराहना
फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत के हेल्थ सेक्टर में डिजिटल बदलाव को भी ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने 50 करोड़ से अधिक डिजिटल हेल्थ आईडी जारी कर स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाया है।
10 साल में भारत की बड़ी डिजिटल छलांग
मैक्रों ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 10 साल पहले मुंबई का एक स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता नहीं खोल सकता था, क्योंकि उसके पास जरूरी दस्तावेज या पता नहीं होता था।
लेकिन आज वही व्यक्ति अपने मोबाइल फोन के जरिए डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है। उन्होंने इसे भारत की डिजिटल क्रांति का सबसे बड़ा प्रमाण बताया।
AI और तकनीक वैश्विक शक्ति का नया आधार
मैक्रों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, GPU और सेमीकंडक्टर चिप्स अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति के महत्वपूर्ण तत्व बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग मानव विकास के लिए होना चाहिए, लेकिन इसके जोखिमों को भी समझना जरूरी है।
भारत का ‘सॉवरेन AI मॉडल’ और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
उन्होंने भारत के “स्मॉल लैंग्वेज मॉडल” (SML) दृष्टिकोण की भी सराहना की। यह टास्क-आधारित AI मॉडल हैं, जिन्हें स्मार्टफोन पर चलाने के लिए डिजाइन किया गया है।
मैक्रों ने कहा कि भारत सरकार ने AI इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को सस्ती दरों पर हजारों GPU उपलब्ध कराए हैं, जिससे तकनीकी विकास को नई गति मिल रही है।
तेज बदलाव के दौर की शुरुआत
अपने संबोधन के अंत में मैक्रों ने कहा कि दुनिया एक बड़े और तेज तकनीकी बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुकी है और भारत इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।










