
Former Bangladesh PM Khaleda Zia passes away, बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख खालिदा जिया का मंगलवार को सुबह 6 बजे 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले 20 दिनों से वेंटिलेटर पर थीं और कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। परिवार और पार्टी ने उनके निधन की पुष्टि की है। खालिदा लंबे समय से दिल की बीमारी, लिवर व किडनी की समस्या, डायबिटीज, गठिया और फेफड़ों में इंफेक्शन से परेशान थीं। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें 23 नवंबर को ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विदेशी डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही थी।
दो बार बनीं प्रधानमंत्री
खालिदा जिया 1991-1996 और 2001-2006 के बीच दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं । राजनीति में उनका कद इतना बड़ा था कि दशकों तक बांग्लादेश की राजनीति खालिदा जिया और शेख हसीना के विरोध के इर्द-गिर्द घूमती रही, जिसे “बैटल ऑफ बेगम्स” कहा गया।
जन्म भारत के जलपाईगुड़ी में
1945 में भारत के जलपाईगुड़ी में जन्मी खालिदा ने पढ़ाई दिनाजपुर मिशनरी और गर्ल्स स्कूल से की । 1984 में वे BNP की उपाध्यक्ष बनीं और बाद में पार्टी अध्यक्ष । उनके नेतृत्व में पार्टी ने तानाशाही शासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया।
उनके परिवार में बड़े बेटे तारिक रहमान, बहुएं और तीन पोते-पोतियां हैं। छोटे बेटे आराफात रहमान कोको का 2015 में हार्ट अटैक से निधन हो चुका है। तारिक 2008 से लंदन में रह रहे थे और हाल ही में 25 दिसंबर को वापस बांग्लादेश लौटे थे।
29 दिसंबर को नामांकन दाखिल हुआ था
बीमार होने के बावजूद BNP ने बोगुरा-7 सीट से 29 दिसंबर को उनका चुनावी नामांकन दाखिल किया। यह सीट पार्टी के लिए खास मानी जाती है, क्योंकि यहीं उनके पति जियाउर रहमान का घर था और खालिदा तीन बार इसी सीट से चुनाव जीत चुकी हैं।
देश-विदेश में शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बांग्लादेश ने एक महत्वपूर्ण नेता को खो दिया । उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों में खालिदा जिया की भूमिका को भी याद किया।
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी शोक जताते हुए कहा कि खालिदा जिया ने देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने उन्हें लोकतांत्रिक आंदोलन की मजबूत आवाज बताया।
BNP ने 7 दिन का शोक घोषित किया
पार्टी ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान पार्टी दफ्तरों पर काले झंडे लगाए जाएंगे, नेता-कर्मचारी काले बैज पहनेंगे और मस्जिदों में दुआएं की जाएंगी। कंडोलेंस बुक भी खोली जाएगी ताकि लोग शोक संदेश दर्ज कर सकें।
कल किया जा सकता है सुपुर्दे-ए-खाक
खबर है कि 31 दिसंबर को ढाका के जिया गार्डेन में उन्हें सुपुर्दे-ए-खाक किया जाएगा, जहां उनके पति जियाउर रहमान की कब्र भी है ।
पार्टी में बढ़ सकता है अंदरूनी तनाव
खालिदा जिया BNP की मुख्य चेहरा थीं। उनके जाने के बाद पार्टी की बागडोर अब बेटे तारिक रहमान के हाथ में जाने की संभावना है। इससे अंदरूनी गुटबाजी बढ़ सकती है। वहीं, आगामी चुनावों पर भी इसका असर दिख सकता है।
भ्रष्टाचार मामले में सजा भी हुई थी
2018 में खालिदा जिया को जिया अनाथालय ट्रस्ट घोटाले में 10 साल की सजा मिली थी। कोर्ट ने सरकारी धन के गलत इस्तेमाल का दोषी पाया। दिसंबर 2024 में शेख हसीना की सत्ता समाप्त होने के बाद उन्हें रिहा किया गया और इलाज हेतु लंदन भेजा गया था।
एक युग का अंत
शेख हसीना और खालिदा जिया ने मिलकर बांग्लादेश की राजनीति को दशकों तक दिशा दी। खालिदा के निधन के साथ देश ने एक ऐसे अध्याय को खो दिया जिसने लोकतंत्र, संघर्ष और महिला नेतृत्व का इतिहास लिखा।









