
‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ से पहले OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भारत को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि भारत में हर हफ्ते 100 मिलियन यानी करीब 10 करोड़ लोग ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस आंकड़े के साथ भारत, अमेरिका के बाद AI प्लेटफॉर्म का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। खास बात यह है कि दुनिया भर में AI टूल्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय छात्र कर रहे हैं।
AI अपनाने में भारत सबसे आगे
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय अंग्रेजी दैनिक The Times of India में प्रकाशित खबर के अनुसार, सैम ऑल्टमैन ने बताया कि भारत में AI टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और यह कंपनी के लिए सबसे अहम बाजारों में से एक बन चुका है।
बताया जा रहा है कि OpenAI सोमवार से नई दिल्ली में शुरू होने वाले ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में हिस्सा लेने जा रहा है, जहां दुनिया की कई बड़ी AI कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
भारत पर फोकस की रणनीति सफल
OpenAI ने भारत के विशाल इंटरनेट यूजर बेस और युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति अपनाई। कंपनी ने अगस्त 2025 में नई दिल्ली में अपना कार्यालय खोला और भारतीय बाजार के लिए किफायती प्लान पेश किए। भारत जैसे प्राइस-सेंसिटिव मार्केट के लिए कंपनी ने लगभग 5 डॉलर (करीब ₹450) का सस्ता प्लान लॉन्च किया, जिसे बाद में भारतीय यूजर्स के लिए एक साल तक मुफ्त कर दिया गया। कंपनी की यह रणनीति सफल रही और भारत में AI यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी।
दुनिया भर में बढ़ रहा AI का इस्तेमाल
सैम ऑल्टमैन के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक प्लेटफॉर्म के वैश्विक वीकली एक्टिव यूजर्स 800 मिलियन तक पहुंच चुके थे और अब यह आंकड़ा 900 मिलियन के करीब पहुंच रहा है। इससे साफ है कि AI तकनीक का इस्तेमाल वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है।
भारतीय छात्र सबसे बड़े यूजर
ऑल्टमैन ने बताया कि दुनिया भर में AI टूल्स का सबसे ज्यादा उपयोग भारतीय छात्र कर रहे हैं। पढ़ाई, रिसर्च, इंटरव्यू तैयारी और लर्निंग से जुड़े कार्यों में AI चैटबॉट छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं।
AI बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
AI सेक्टर में प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ रही है। टेक दिग्गज Google भी भारतीय छात्रों पर खास ध्यान दे रहा है। कंपनी ने 2025 में छात्रों को अपने AI टूल Gemini का फ्री सब्सक्रिप्शन ऑफर किया था और दावा किया था कि लर्निंग के लिए इसका सबसे ज्यादा उपयोग भारत में हो रहा है।
AI में भारत का बढ़ता प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की युवा आबादी, डिजिटल पहुंच और टेक्नोलॉजी अपनाने की तेज रफ्तार आने वाले समय में देश को AI क्षेत्र में वैश्विक लीडर बना सकती है। AI प्लेटफॉर्म्स के लिए भारत अब सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी ग्रोथ का केंद्र बनता जा रहा है।










