
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित आधुनिक और पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से डिजिटल इंडिया अब खाद्य वितरण व्यवस्था तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था गरीबों को सस्ता अनाज देने के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित होगी और इससे राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
डिजिटल इंडिया से बदलेगी गरीबों की जिंदगी
अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के संसाधनों पर पहला अधिकार गरीबों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले देश में लगभग 60 करोड़ लोगों के परिवारों में बैंक खाता नहीं था, लेकिन आज भारत डिजिटल लेन-देन के मामले में दुनिया में अग्रणी बन गया है। अब यही डिजिटल व्यवस्था गरीबों तक सस्ता अनाज पहुंचाने में उपयोगी होगी।
उन्होंने कहा कि CBDC आधारित PDS प्रणाली से राशन वितरण में भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त होगा और गरीबों को सीधे लाभ मिलेगा। जिस तरह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) ने घोटालों को खत्म किया, उसी प्रकार यह नई व्यवस्था भी खाद्य वितरण को पारदर्शी बनाएगी।
‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ का उदाहरण
अमित शाह ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत को जमीन पर उतारने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी और गरीबों के प्रति संवेदनशीलता का यह संगम गरीबों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
कार्यक्रम के दौरान ‘अन्नपूर्ति मशीन’ का भी लोकार्पण किया गया, जो मात्र 35 सेकंड में 25 किलो अनाज वितरित कर सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले 3-4 वर्षों में यह प्रणाली पूरे देश में लागू कर दी जाएगी, जिससे हर गरीब को 5 किलो मुफ्त अनाज पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।
पूरे देश में लागू होगी नई व्यवस्था
अमित शाह ने कहा कि देश में तेजी से डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है और 1 लाख 7 हजार गांवों तक इंटरनेट पहुंच चुका है। इससे डिजिटल तरीके से अनाज वितरण संभव होगा। उन्होंने कहा कि सरकार 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो मुफ्त अनाज दे रही है और अब यह व्यवस्था और अधिक पारदर्शी बनेगी।
उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं से 10 वर्षों में 60 करोड़ से अधिक लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है और 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। इसके अलावा 1 करोड़ 9 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को भी स्वनिधि योजना का लाभ मिला है।
किसानों के हितों की सुरक्षा का दावा
अमित शाह ने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार ने डंकल प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर किसानों को असुरक्षित किया था। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ, इंग्लैंड और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों में किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों की पूरी सुरक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारतीय कृषि, डेयरी और मछुआरों के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा और सरकार किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगी।
भ्रष्टाचार मुक्त वितरण की दिशा में कदम
अमित शाह ने कहा कि यह नई डिजिटल राशन प्रणाली अन्न वितरण और अन्न सुरक्षा के क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता को समाप्त करेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और हर गरीब नागरिक को उसके अधिकार का अनाज सुरक्षित रूप से मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी और डिजिटल भारत के नए युग की शुरुआत साबित होगी।










