
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी प्रमुख तारिक रहमान ने फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में हेराफेरी की जा सकती है। इसी को लेकर उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
एक वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए तारिक रहमान ने कहा कि सिर्फ मतदान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वोटों की गिनती तक पोलिंग स्टेशनों पर मौजूद रहना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की धांधली को रोका जा सके।
जमात-ए-इस्लामी पर साजिश के संकेत
हालांकि तारिक रहमान ने अपने भाषण में मोहम्मद यूनुस या जमात-ए-इस्लामी का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका इशारा कट्टरपंथी ताकतों की ओर था। आशंका जताई जा रही है कि जमात-ए-इस्लामी और उसका गठबंधन चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने की कोशिश कर सकता है, ताकि सरकार गठन को प्रभावित किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका और ब्रिटेन के संपर्क में आने के बाद जमात-ए-इस्लामी का मनोबल बढ़ा है। आरोप हैं कि बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच अमेरिका ने परोक्ष रूप से जमात-ए-इस्लामी को समर्थन दिया है।
चुनाव जीतने के बाद भी सत्ता से दूर रह सकती है BNP
सूत्रों के अनुसार, अगर BNP चुनाव में बहुमत हासिल भी कर लेती है, तब भी उसे तुरंत सत्ता नहीं सौंपी जा सकती। सभी निर्वाचित सांसदों को छह महीने के लिए संवैधानिक सुधार परिषद या संविधान सभा के रूप में बैठाया जा सकता है, जहां संविधान में बदलाव और नए कानूनों पर चर्चा होगी।
इस दौरान अंतरिम प्रशासन सत्ता में बना रह सकता है, जिससे उसे नीतिगत फैसलों में अतिरिक्त समय और नियंत्रण मिल जाएगा। कहा जा रहा है कि जमात-ए-इस्लामी संविधान में बड़े बदलाव की योजना बना रही है।
वोटों की रक्षा के लिए धार्मिक अपील
तारिक रहमान ने अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि मुसलमान मतदाता तहज्जुद की नमाज पढ़ें और फिर फज्र की नमाज के बाद सुबह-सुबह पोलिंग स्टेशनों पर पहुंचें। उन्होंने जोर दिया कि चुनावी प्रक्रिया की निगरानी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “सिर्फ वोट डालना काफी नहीं है। आपको पोलिंग स्टेशन पर डटे रहना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपका वोट सही तरीके से गिना जाए। इंशाअल्लाह, मुझे पूरा भरोसा है कि आप ऐसा करेंगे।”
सभी धर्मों में एकता का संदेश
BNP प्रमुख ने जाति, धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमान, हिंदू, बौद्ध, ईसाई और अन्य सभी समुदायों को मिलकर बांग्लादेश के पुनर्निर्माण के लिए काम करना होगा। उन्होंने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, “यह देश हमारा पहला और आखिरी घर है। हमें इसे बेहतर बनाने के लिए पूरी ताकत से मेहनत करनी होगी।”









