
आईसीसी टूर्नामेंट के सबसे अहम पड़ाव सुपर-8 से ठीक पहले टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने करोड़ों क्रिकेट फैंस की धड़कनें तेज कर दी हैं। हाल ही में टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान जो गेम प्लान साझा किया, उसके बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की वर्ल्ड कप से छुट्टी तय हो सकती है।
अगर आप भी यही जानने के लिए इस खबर पर आए हैं कि क्या सुपर-8 में टीम इंडिया की प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव होने वाला है, कौन होगा अंदर और कौन होगा बाहर, तो यह रिपोर्ट आपके सभी सवालों का जवाब देने वाली है।
कप्तान ने दिया स्ट्रेटेजी का संकेत
सुपर-8 मुकाबलों से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साफ कर दिया है कि अब टीम प्रयोग के मूड में नहीं बल्कि रिजल्ट देने के मोड में है। उन्होंने कहा कि आगे के मैचों में वही खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे जो मौजूदा फॉर्म और मैच सिचुएशन के हिसाब से टीम को बैलेंस दे सकें।
इस बयान के बाद क्रिकेट गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि टीम मैनेजमेंट अब कॉम्बिनेशन में बदलाव कर सकता है और ऐसे में अभिषेक शर्मा की जगह किसी अनुभवी खिलाड़ी को मौका दिया जा सकता है।
क्यों बढ़ रही हैं बाहर होने की अटकलें?
टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में मिले सीमित मौकों में अभिषेक शर्मा अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर पहले से ही दबाव में नजर आया है, ऐसे में मैनेजमेंट अब रिस्क लेने के बजाय सेफ ऑप्शन की तरफ बढ़ सकता है।
सुपर-8 जैसे नॉकआउट स्टेज में हर रन और हर विकेट मैच का रुख बदल सकता है। यही कारण है कि कप्तान और कोचिंग स्टाफ अब अनुभव और मैच अवेयरनेस को प्राथमिकता देने के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
सुपर-8 के लिए क्या हो सकता है नया गेम प्लान?
सूत्रों के मुताबिक टीम इंडिया मिडिल ऑर्डर को मजबूत करने और पावरप्ले में स्थिर शुरुआत देने के लिए बैटिंग ऑर्डर में फेरबदल कर सकती है। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी इशारों में कहा कि आगे के मुकाबलों में टीम का फोकस एग्रेसिव लेकिन कंट्रोल्ड अप्रोच पर रहेगा।
इसका मतलब साफ है कि अब प्लेइंग XI में वही खिलाड़ी जगह बना पाएंगे जो दबाव के क्षणों में मैच फिनिश करने की क्षमता रखते हों।
फैंस के लिए बड़ा सवाल: क्या बदलेगी प्लेइंग XI?
सुपर-8 से पहले टीम मैनेजमेंट की मीटिंग में प्लेइंग XI को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। लेकिन कप्तान के बयान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि टीम इंडिया अब हर मैच को करो या मरो की रणनीति के साथ खेलेगी।
आने वाले मुकाबलों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या युवा प्रतिभा पर भरोसा जारी रहेगा या टीम अनुभव के साथ मैदान में उतरेगी।









